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    शिमला रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा मरम्मत के चलते तारा देवी तक ही ट्रेनें, यात्रियों की बढ़ी मुसीबत; अब ऐसे तय हो रहा सफर

    Updated: Fri, 11 Jul 2025 03:24 PM (IST)

    शिमला रेलवे स्टेशन पर मरम्मत के कारण ट्रेनों का आवागमन पांच दिनों के लिए बंद है। ट्रेनें केवल तारा देवी तक ही आ रही हैं जहाँ से यात्रियों को टैक्सी से शिमला जाना पड़ रहा है। समरहिल में ट्रैक के नीचे नाला बनने से पटरी को नुकसान हुआ था इसलिए मरम्मत ज़रूरी है। 16 जुलाई से नियमित रूप से ट्रेनें शिमला तक पहुँचेंगी जिससे यात्रियों को सुविधा होगी।

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    Shimla News: शिमला रेलवे स्टेशन पर जारी है मरम्मत का काम (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, शिमला। राजधानी शिमला के रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह से ट्रेन आने बंद हो गए है। समरहिल ट्रेक पर मरम्मत का काम किया जा रहा है। इस कारण इस ट्रेक को पांच दिन के लिए बंद किया गया है।

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    पांच दिन तक तारा देवी तक ही ट्रेन आनी है। यहां से यात्रियों को टैक्सी के माध्यम से ही शिमला पहुंचना होगा। समरहिल ट्रेक पर मई महीने में भी काम करवाया गया था, लेकिन उस समय ट्रेक का काम पूरा नहीं हुआ था। इस कारण अब फिर से पांच दिन के लिए ट्रेक को बंद किया गया है।

    ताकि इसके काम को पूरा किया जा सके। समरहिल के पास दो साल पहले पटरी के नीचे नाला बन गया था । पटरी को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था। इसके बाद अब रेलवे विभाग को हर साल बरसात से पहले पुल की मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है।

    शिमला रेलवे स्टेशन पर 16 जुलाई से यात्रियों की चहल पहल देखने को मिलेगी। 16 जुलाई से नियमित रूप से यहां पर ट्रेन आएगी। इसके बाद यात्रियों को तारा देवी तक आने की जरूरत नहीं होगी। यात्री शिमला तक ट्रेन में आ पाए गए। इन दिनों ट्रेन में 50 से 60 प्रतिशत बुकिंग चल रही है। शिमला के लिए पांच ट्रेन आ रही है।

    14 अगस्त 2023 को पटरी के नीचे बन गया था नाला

    14 अगस्त 2023 को भारी वर्षा के कारण समरहिल के शिव बावड़ी के पास बड़ा हादसा हुआ था। एडवांस्ड स्टडीज के पास से भूस्खलन हुआ था।

    इस कारण 40 मीटर तक रेल ट्रैक के नीचे से मिट्टी बह गई थी और नाला बन गया था। इसके बाद मलबा शिव बावड़ी मंदिर को बहा ले गया था। हादसे में 20 लोगों की मौत हुई थी। रेलवे ने यहां पर 40 मीटर लंबे लोहे के पुल का निर्माण किया है। इस पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अब रेलवे पुल को कंक्रीट से पक्का कर रहा है।