शिमला, जागरण संवाददाता। शिमला स्थित राज्य सचिवालय में शराब की खाली बोतलों का फोटो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को वाट्सएप पर मिलते ही सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) हरकत में आ गया है। इस संबंध में जीएडी की ओर से 19 जनवरी को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें कहा गया है कि प्रशासन के ध्यान आया है कि राज्य सचिवालय के कुछ कर्मचारी शराब के नशे में काम करते हैं। यह सिविल सर्विस नियमों के विरुद्ध है।

ड्यूटी के दौरान शराब पीकर काम करना अनाचार

सर्कुलर में कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी कर्मचारी के शराब के नशे में कार्यालय में पाए जाने की स्थिति में उसके विरुद्ध सिविल सर्विस नियमों के तहत कार्रवाई होगी। राज्य सचिवालय में यह चर्चा का विषय बन गया कि कौन अधिकारी है जो ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करता है। ड्यूटी के दौरान कार्यालय में शराब पीकर काम करना अनाचार व  माना जाता है।

खैनी गुटका के खाली पैकेट भी मिले

बीते दिनों सचिवालय के शौचालयों में शराब की खाली बोतलें पाई गई थीं। शराब की खाली बोतलें मिलने के अतिरिक्त खैनी अथवा गुटका के खाली पैकेट भी पाए जाते हैं। ऐसा नहीं कि यहां पहली बार शराब की खाली बोतलें मिली हैं।

पहले भी हो चुकी है इसी घटना

इससे पहले भाजपा सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल एक बार रात को किसी आवश्यक काम से सचिवालय पहुंचे। उस दौरान भी कुछ कर्मचारी शराब के नशे में पाए गए थे। सभी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए सचिवालय प्रशासन ने अब पत्र जारी कर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में आने वाले कर्मचारियों को चेतावनी दी है।

Edited By: Jagran News Network

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