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    सरोग के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारना नहीं आसान

    By JagranEdited By:
    Updated: Thu, 27 Sep 2018 05:29 PM (IST)

    सरोग गाव प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है, जिसकी तारीफ भारत के

    सरोग के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारना नहीं आसान

    सुनील ग्रोवर, ठियोग

    सरोग गाव प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है, जिसकी तारीफ भारत के मिसाइलमैन कहे जाने वाले पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. अब्दुल कलाम आजाद ने सरोग गाव के दौरे पर की थी। लेकिन, सरोग पहुंचना आसान नहीं है। गांव की सड़क दो साल से बेहद बुरी हालत में है। एनएच पाच से सरोग तक सड़क की लंबाई छह किलोमीटर है। पहले तीन किलोमीटर हिस्से की हालत इतनी खस्ताहाल है कि बारिश होने तालाब बन जाती है। मौसम साफ होने पर यहा धूल उड़ती रहती है। 2010 में सड़क के पहले तीन किलोमीटर हिस्से में लोक निर्माण विभाग ने टारिंग की थी और शेष हिस्से को पत्थर का गटका बिछाया था। अब टारिंग किए हिस्से की भी हालत खराब हो गई है। ठियोग-हाटकोटी बाईपास निर्माण कर रहे ठेकेदार ने इस सड़क के किनारे प्रोसेसिंग प्लाट लगा रखा है, जिस कारण भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। इससे सड़क और खराब हो रही है। ग्रामीण रमेश अत्री के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने लीपापोती के अलावा कुछ अधिक नहीं किया है। सड़क पर आज कहीं भी काला रंग तक नजर नहीं आता।

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    बागड़ी गाव के हेमचंद हेटा ने सड़क की हालत सुधारने की माग की है। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों को पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ता है। स्थानीय युवक संदीप ठाकुर के अनुसार सड़क की दयनीय हालत सुधारने के लिए उन्होंने ई-समाधान में ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करवाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुरुआती प्वाइंट पर दुकान करने वाले रितेश ने बताया कि इस सड़क पर छोटे वाहन चलाना संभव ही नहीं रहा है। उन्होंने सरकार से सड़क की हालत सुधारने का आग्रह किया है।

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    बारिश के कारण सड़क की हालत अधिक खराब हो गई है। विभाग सड़क को सर्दियों से पहले दुरुस्त करेगा और सड़क पर टारिंग भी की जाएगी।

    -महेश कंवर, अधिशाषी अभियंता,

    लोक निर्माण विभाग।