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चिड़गांव के गुम्मा में बादल फटा, चार वाहन बहे व गांव का संपर्क कटा

ऊपरी शिमला के चिड़गांव के गुम्मा में बारिश व बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है।

By JagranEdited By: Published: Wed, 28 Jul 2021 04:56 PM (IST)Updated: Wed, 28 Jul 2021 04:56 PM (IST)
चिड़गांव के गुम्मा में बादल फटा, चार वाहन बहे व गांव का संपर्क कटा

जागरण टीम, नेरवा, ठियोग, रामपुर, रोहड़ू : ऊपरी शिमला के चिड़गांव में बारिश व बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। चिड़गांव तहसील के गुम्मा गांव में बुधवार सुबह बादल फट गया। इससे से गांव का पूरी तरह से संपर्क कट गया है। बादल फटने के बाद खड्ड में आई बाढ़ में चार वाहन बह गए और करीब 18 वाहन गांव में ही फंस गए हैं। गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला पुल भी बह गया है। इस कारण गांव में रह रहे 60 से ज्यादा परिवार वहीं फंसे हैं। प्रशासन की ओर से भेजी गई टीम ने कई वाहनों को निकाल लिया है। पुल के लिए विकल्प का इंतजाम किया जा रहा है। इसके बाद ही गुम्मा गांव में फंसे हुए लोगों को वहां से बाहर निकाला जा सकेगा।

ऊपरी शिमला में बारिश के चलते बागवानों की चिता भी बढ़ गई है। बागवानों की सेब की फसल शिमला व उत्तराखंड को भेजी गई थी और सड़कें बंद होने के कारण रास्तों में ही फंस गई है। चौपाल में 41 सड़कें बंद हैं। बंद होने वाले मार्गो में नेरवा-टिकरी, थिथरौली-थंगाड़-खुडोग, मडौग-माटल, गुणसा-दोची, थियारा, चौकिया-चौपाल, पोटनाड़ी-मशरांह और मधाना-थरोच मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनों व मजदूरों की तैनाती कर दी है।

ऊपरी शिमला में किसानों व बागवानों के खेतों में भी पानी से काफी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण व जल शक्ति विभाग के साथ बिजली बोर्ड को हुआ है। ठियोग के क्यारा में बहे वाहन, कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था ठप

ठियोग उपमंडल में कई पंचायतों में मूसलधार बारिश से खड्डों का जलस्तर बढ़ गया जिसमें कई वाहन पानी में बह कर क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि उस समय इन वाहनों में कोई नहीं था। बारिश में बढ़े जलस्तर के कारण क्यारा पंचायत की क्यारा खड्ड और क्यार पंचायत की माहोरी क्यार खड्ड में सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां पानी के बहाव में बह गई। क्यारा में दो और क्यार में दो कारें खड्ड के तेज बहाव में बह गई। चियोग पंचायत में भी बारिश और भूस्खलन के कारण कई वाहन पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सड़क किनारे खड़ी कार पेड़ के नीचे दब गई। ठियोग के कई गांवों में बिजली की तारें टूटने और पेड़ गिरने के कारण बिजली व्यवस्था भी ठप हो गई। रामपुर डिपो के छह बस रूट प्रभावित

रामपुर डिपो के करीब छह बस रूट बरसात के चलते बंद हो गए हैं। इन रूटों पर जगह-जगह पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग अवरुद्ध हुए हैं। रामपुर व आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। रामपुर डिपो से चलने वाले बंद रूटों में जघोरी, फांचा, बागीपुल, पिप्टी सेरी शामिल हैं, जबकि किन्फी के लिए क्याओ तक बस भेजी जा रही है। कुछ सड़कें तो इतनी खराब हो चुकी हैं कि ये पानी से ही लबालब भरी हुई हैं। बरसात के कारण जगातखाना चाटी सड़क में इतने गड्ढे पड़ चुके हैं कि इसमें वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं है। अड्डा प्रभारी भाग चंद ने भी ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बंद होने की पुष्टि की है। ठियोग में तीन बसें फंसी हैं, पानी की पंपिग पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। यहां फंसे हैं सेब व टमाटर से लदे वाहन

उत्तराखंड से होकर गुजरने वाले नेरवा-मीनस-विकासनगर मार्ग में जगह-जगह बंद होने से सेब व टमाटर से लदे सैकड़ों वाहन इस मार्ग पर बीती रात से फंसे हुए हैं। इच्छाडी, लालढांग व कई अन्य स्थानों पर भूस्खलन एवं सड़क पर पत्थर गिरने की वजह से यह मार्ग रात से बंद पड़ा हुआ है। यदि इस मार्ग को जल्द बहाल न किया गया तो किसानों व बागवानों के ये उत्पाद वाहनों में ही सड़ जाएंगे। इसी मार्ग पर फंसे एक बागवान शैलेंद्र ठाकुर ने बताया कि वह रात से इच्छाडी में फंसे हैं। विभाग और प्रशासन की तरफ से मार्ग को खोलने के लिए अभी तक प्रयास शुरू नहीं किए गए हैं।


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