हिमाचल के इन 4 जिलों के लोग हो जाएं सावधान! आज होगी भारी बारिश
हिमाचल प्रदेश में वर्षा और बादल फटने का सिलसिला जारी है। मंडी कुल्लू और चंबा में बादल फटने से नुकसान हुआ है। नांडी पंचायत में छह दुकानें और जीभी में एक पुल बह गया। तीसा में पुलिया सहित दोपहिया वाहन बह गए जिससे दो पंचायतों का संपर्क टूट गया है। मौसम विभाग ने भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है और अब तक 3042 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

जागरण संवाददाता, शिमला। प्रदेश में वर्षा व बादल फटने का क्रम जारी है। अब मंडी, कुल्लू व चंबा जिले में बादल फटने से नुकसान हुआ है। मंडी जिले के गोहर उपमंडल की नांडी पंचायत में बादल फट गया।
इससे कटवांढ़ी नाले में आई बाढ़ से छह दुकानों, कार और कट स्टोन इंडस्ट्री को नुकसान हुआ। कुल्लू जिले के बंजार के जीभी में पहाड़ी पर बादल फटने से एक पुल, दो मंदिर, फिश फार्म, दुकान, दो मकान, छह घराट, चार पशुशालाएं व कार मलबे की चपेट में आ गए।
वहीं, चंबा के उपमंडल तीसा के तहत बैरागढ़-देवीकोठी-टेपा मार्ग पर संतनाला नामक पहाड़ी पर शनिवार दोपहर बादल फटा। इससे बैरागढ़-देवीकोठी-टेपा मार्ग को जोड़ने वाली संतनाला पर बनी पुलिया सहित घराट, दुकान, कुछ दोपहिया वाहन बह गए। दो पंचायतों टेपा व देवीकोठी का संपर्क कट गया है।
वहीं, खोती नाला के पास पहाड़ दरकने से बंद हुआ कीरतपुर-मनाली फोरलेन 12 घंटे के बाद बहाल कर दिया गया। मनाली-लेह मार्ग वाया रोहतांग छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया है। किन्नौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पांच शिमला-रिकांगपिओ निगुलसरी के पास भूस्खलन व सड़क धंसने के कारण शनिवार दोपहर दो बजे से बंद है। इससे किन्नौर जिले का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है।
रामपुर उपमंडल में शुक्रवार रात भूस्खलन होने से देवठी में तीन व मुनीश बाहली में दो घर क्षतिग्रस्त हुए। मुनीष बाहली के थड़ा में दो मकान गिरने से मलबे की चपेट में आने से दो लोग घायल हुए। शिमला की नाभा रेलवे कालोनी में डंगा गिरने से साथ बने मकानों पर खतरा है। जतोग में भूस्खलन से एक भवन खतरे की जद में आने से खाली करवाया है।
ढली में बाईपास में फोरलेन कटिंग के कारण दो मकानों को खतरा हो गया है। वहीं, मूसलधार वर्षा से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट की सुरक्षा दीवार के चार पिल्लर गिर गए हैं। तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और 839 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 728 ट्रांसफार्मर और 456 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हैं।
मौसम विभाग ने 31 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा और मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। पहली सितंबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी व शिमला और दो सितंबर को शिमला, सोलन व सिरमौर जिले में भारी वर्षा की चेतावनी दी है। तीन से पांच सितंबर तक भी मौसम अनुकूल न रहने का अनुमान है। अब तक 3042 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
- नांडी में बादल फटने से छह दुकानों, कार और कट स्टोन इंडस्ट्री को पहुंचा नुकसान।
- जीभी में बादल फटने से पुल, दो मंदिर, फिश फार्म, दुकान, दो मकान, छह घराट भी बहे।
- तीसा के संतनाला में बनी पुलिया सहित घराट, दुकान और कुछ दोपहिया वाहन बाढ़ में बहे।
- खोती नाला के पास पहाड़ दरकने से बंद कीरतपुर-मनाली फोरलेन 12 घंटे बाद बहाल।
- रामपुर उपमंडल में भूस्खलन से देवठी में तीन और मुनीश बाहली में दो घर क्षतिग्रस्त।
- मुनीष बाहली के थड़ा में दो मकान गिरने से मलबे की चपेट में आने से दो लोग घायल।
- मूसलधार वर्षा से कांगड़ा एयरपोर्ट की सुरक्षा दीवार के चार पिल्लर गिरे।
- चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में बहुत भारी वर्षा की संभावना।
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