राज्य ब्यूरो, शिमला : देश की सबसे लंबी रोहतांग सुरंग का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यकाल में नहीं कर सकेंगे। निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण सुरंग का शुभारंभ लटक गया है। सुरंग का शुभारंभ अब अगस्त में हो सकेगा। सुरंग का लगभग 90 फीसद कार्य पूरा हो चुका है।

रोहताग में 8.8 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम चुनाव से पूर्व इसका शुभारंभ करना था। लेकिन कार्य पूरा न होने के कारण अब सुरंग का शुभारंभ केंद्र में नई सरकार बनने के बाद होगा। यह सुरंग मनाली और केलंग के बीच की दूरी को 48 किलोमीटर तक घटा देगी और वाहनों को रोहताग दर्रा पार नहीं करना होगा। सुरंग का निर्माण आधुनिक तकनीक से हो रहा है। यह सुरंग लेह-मनाली मार्ग पर सफर को हर मौसम में लद्दाख क्षेत्र तक बेहद आसान बना देगी जो चीन और पाकिस्तान की सीमा से सटा है। चीन और पाकिस्तान की सरहद पर तैनात सेना तक आसानी से रसद पहुंचाने और लाहुल घाटी को 12 महीने खुला रखने के मकसद से सुरंग बनाई जा जा रही है। वर्ष 1983 में प्रस्तावित यह परियोजना वर्ष 2010 में शुरू की गई थी। रोहतांग सुरंग बनने के बाद भारतीय जवानों को रसद और सीमा पर हथियार पहुंचाने के लिए रोहताग दर्रे को पार नहीं करना होगा। रोहतांग दर्रा हर साल भारी बर्फबारी के कारण नवंबर से अप्रैल तक बंद रहता है। सुरंग के निर्माण की लागत प्रस्तावित बजट 1500 करोड़ रुपये से बढ़कर 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। रोहतांग सुरंग का उद्घाटन लटक गया है। अब इसका शुभारंभ अगस्त में हो सकेगा। अभी इसका कार्य शेष है जिसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

-रामलाल मार्कंडेय, कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री

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