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    जेओए आइटी पेपर लीक मामला: परिणाम का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को राहत, 713 को मिलेगी नौकरी

    Updated: Sun, 16 Feb 2025 10:31 AM (IST)

    साल 2022 में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आइटी पेपर लीक मामले के बाद से परिणाम का इंतजार कर रहे कैंडीडेट्स के लिए राहत भरी खबर है। दागी पदों (पेपर लीक में शामिल आरोपितों से संबंधित पदों) को छोड़कर सात पोस्ट कोड के 713 पदों के लंबित परिणाम को घोषित किए जाएंगे। यह निर्णय शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक के दौरान लिया गया है।

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    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, शिमला। वर्ष 2022 में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आइटी पेपर लीक मामले के बाद से परिणाम का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिली है।

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दागी पदों (पेपर लीक में शामिल आरोपितों से संबंधित पदों) को छोड़कर सात पोस्ट कोड के 713 पदों के लंबित परिणाम को घोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें मार्केट सुपरवाइजर (पोस्ट कोड-977) के 11 पद, फायरमैन (पोस्ट कोड-916) 43 पद, ड्रॉइंग मास्टर (पोस्ट कोड-980) 314 पद, लिपिक (प्रदेश सचिवालय पोस्ट कोड-962) 82 पद, लाइनमैन (पोस्ट कोड-971) 186 पद, स्टेनो टाइपिस्ट (पोस्ट कोड-928) 66 पद और वन विभाग में जेई (पोस्ट कोड 970) के 11 पद शामिल हैं।

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    इनकी परीक्षाएं 2021-22 के दौरान हुई थीं। प्रदेश में 2022 में कांग्रेस सरकार बनते ही राज्य कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इससे पेपरों के परिणाम लटक गए थे।

    बैठक में विभिन्न विभागों में 101 पदों को सृजित कर भरने और नए उपमंडल खोलने व उनमें आवश्यक पदों को भरने को मंजूरी प्रदन की गई। मुख्यमंत्री गत दिनों वायरल से पीड़ित थे।

    इस कारण शनिवार दिन में 11 बजे शुरू हुई बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी एहतियातन मास्क पहनकर भाग लिया।

    महिला कर्मचारियों को प्रसव के दौरान बच्चे की मृत्यु पर भी मिलेगा 60 दिन का अवकाश

    बैठक में निर्णय लिया कि शिमला के साथ लगते पर्यटन स्थल छराबड़ा में होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल को राज्य सरकार खुद नहीं चलाएगी। होटल को लीज पर दिया जाएगा। मंत्रिमंडल ने इसके लिए कंपनी हायर करने को मंजूरी दी।

    बैठक में एलोपैथिक चिकित्सकों को भारत या विदेश में अध्ययन अवकाश के दौरान पूरा वेतन प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की। इन्हें अध्ययन अवकाश के दौरान 40 प्रतिशत वेतन दिया जा रहा था।

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    महिला कर्मचारियों को प्रसव के दौरान बच्चे की मृत्यु या नवजात शिशुओं की मौत होने पर 60 दिन का विशेष मातृत्व अवकाश प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई।

    वर्ष 2025-26 के लिए प्रवेश कर (एंट्री टैक्स) की वसूली के लिए टोल बैरियरों की नीलामी कम निविदा प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की गई। इससे वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में अगले वित्त वर्ष में 11.56 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित होने की संभावना है।

    थानों में अधिकारियों व कर्मियों की नियुक्ति का आधार बदला

    सरकार ने राज्य के सभी 135 थानों को छह श्रेणी में विभाजित करने को मंजूरी प्रदान की है। इनमें अब अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति श्रेणी के आधार पर होगी।

    थानों को जनसंख्या, क्षेत्रफल, बड़े अपराध, यातायात, अंतरराज्यीय सीमाओं और पर्यटकों की आवाजाही जैसे मानकों के आधार पर छह श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।

    स्टाफ की तैनाती को उनकी श्रेणियों के अनुसार संशोधित किया जाएगा। इस आधार पर स्टाफ का युक्तीकरण किया जाएगा। वर्तमान में पुलिस थाने में स्वीकृत पद 40 से 80 तक हैं।

    हिमाचल विधानसभा का सत्र 10 मार्च से, 17 को पेश होगा बजट

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च से होगा। सत्र 28 मार्च तक चलेगा। सत्र में 15 बैठकें होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे। यह उनका तीसरा बजट होगा। मंत्रिमंडल की बैठक में बजट सत्र की तिथि तय की गई।

    बजट सत्र राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय की तरफ से बजट सत्र के संबंध में प्रस्ताव एक सप्ताह पहले सरकार को भेजा गया था। विधानसभा सचिवालय ने 10 मार्च से 10 अप्रैल तक सत्र का प्रस्ताव किया था।

    सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना मार्च में सेवानिवृत्त होंगे। इसलिए अधिकारियों की ओर से मंत्रियों को सत्र मार्च के अंत में ही समाप्त करने के लिए राजी किया गया है। सत्र की अवधि को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए छह दिन, बजट चर्चा के लिए छह दिन और कटौती प्रस्ताव के लिए तीन दिन में विभाजित किया जा सकता है। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद उस पर चर्चा होगी। बाद में बजट प्रस्तुत होगा व इस पर चर्चा होगी।

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