हिमाचल पंचायत चुनाव पर तैयारी के लिए अब डेढ़ माह ही बाकी, हाई कोर्ट के निर्णय के बाद सरकार व निर्वाचन आयोग की आज अहम बैठक
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के पंचायत चुनाव 30 अप्रैल तक करवाने के आदेश के बाद, राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग ...और पढ़ें

राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त अनिल खाची और मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया।
सरकार और निर्वाचन आयोग ने आज अलग-अलग बैठकें बुलाईं।
चुनाव तैयारियों के लिए अब केवल डेढ़ माह का समय शेष।
राज्य ब्यूरो, शिमला। पंचायत चुनाव पर आए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सोमवार को राज्य सरकार व निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू अपने मंत्रियों और अधिकारियों से कोर्ट के निर्णय पर चर्चा करेंगे तो राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने तैयारियों के संबंध में आयोग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव करवाने और 28 फरवरी तक पंचायतों के पुनर्गठन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने का आदेश दिया था।
तैयारी के लिए अब डेढ़ माह ही बाकी
मुख्यमंत्री सुक्खू अधिकारियों के साथ ताजा आदेशों के अलावा चुनावी कार्यों को लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर सकते हैं। न्यायालय के निर्देशों के तहत सारी तैयारी करने के लिए अब केवल डेढ़ माह ही शेष है। इस दौरान पुनर्गठन की प्रक्रिया के अलावा आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूचियों को भी अधिसूचित किया जाना है। जिससे समय पर चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सके। मुख्यमंत्री ने न्यायालय के निर्णय के बाद प्रतिक्रिया में कहा था कि वह भी चाह रहे थे कि अप्रैल में चुनाव हों।
सूत्रों के अनुसार 16 जनवरी को होने वली मंत्रिमंडल की बैठक में इस सारे मसले और पंचायतों में 31 जनवरी के बाद प्रशासक लगाए जाने को लेकर चर्चा होनी हैं। इस संबंध में मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा होनी है।
सर्दियां अब आगे के लिए चुनाव में नहीं बनेगी अड़चन
प्रदेश में अप्रैल में चुनाव होने से अब प्रदेश में सर्दियां पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव में अड़चन नहीं बनेगी। यही नहीं इसका सबसे बड़ा लाभ आने वाले समय में यह होने वाला है कि एक साथ चुनाव होने से बार-बार आदर्श चुनाव आचार संहिता नहीं लगेगी और विकास के कार्यों की गति पर चुनावी असर नहीं होगा।
क्या है मामला
हिमाचल में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त होना है। संविधान के अनुसार 3,577 ग्राम पंचायतों, 80 से ज़्यादा पंचायत समितियों और 12 जिला परिषद के चुनाव इससे पहले चुनाव करवाए जाने आवश्यक हैं। आठ अक्टूबर, 2025 को प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन एक्ट लागू किया। कहा, इसके हटने पर चुनाव करवाए जाएंगे। चार नवंबर को अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य ने याचिका दायर कर चुनाव में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया। 14 नवंबर को चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर 3546 और 17 शहरी निकायों की मतदाता सूची तैयार करने की बात कही। छह जनवरी, 2026 को प्रदेश सरकार ने कहा कि चुनाव के लिए छह माह का समय चाहिए। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय बाद 30 अप्रैल से पहले चुनाव करवाने के निर्देश दिए।
