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हिमाचल प्रदेश में छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को राजस्व कर में रियायत देने की तैयारी, सरकार ने 2 प्रतिशत टैक्स का लिया है फैसला

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 12 Jan 2026 06:41 AM (IST)Updated: Mon, 12 Jan 2026 11:00 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश सरकार छोटी जलविद्युत परियोजनाओं पर लगाए गए 2% राजस्व कर में रियायत देने पर विचार कर रही है। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश की लघु विद्युत परियोजनाओं को टैक्स में रियायत देने की तैयारी है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश की लघु विद्युत परियोजनाओं को टैक्स में रियायत देने की तैयारी है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को कर में रियायत संभव।

  2. राजस्व मंत्री नेगी की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक।

  3. प्राकृतिक संसाधनों पर प्रभाव के कारण 2% कर।

यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से राज्य में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं पर लगाए गए दो प्रतिशत राजस्व कर को लेकर राहत देने की तैयारी है। इन्हें रियायत देने को लेकर सोमवार को निर्णय होगा। अन्य जल विद्युत परियोजनाओं के समान दो प्रतिशत ही राजस्व कर लगेगा, सोमवार को स्थिति साफ हो जाएगी।

सोमवार को इस संबंध में अहम बैठक राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में रखी गई है। इस बैठक में प्रदेश की जलविद्युत परियोजना संचालक कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। बैठक में विशेष रूप से छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को राजस्व कर में कितनी छूट दी जाए या नहीं इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

दो प्रतिशत राजस्व कर लगाने का फैसला

प्रदेश सरकार ने जलविद्युत परियोजनाओं पर दो प्रतिशत राजस्व कर लगाने का फैसला किया है। जिसे जनवरी 2026 से लागू कर दिया है। सरकार का तर्क है कि जलविद्युत परियोजनाओं के कारण प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, भूमि और पर्यावरण पर असर पड़ता है। ऐसे में राज्य को इसका उचित राजस्व मिलना चाहिए।

सरकार का आकलन है कि इस कर से हिमाचल प्रदेश को सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी, जिससे विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं को गति मिलेगी।

लघु जलविद्युत परियोजना संचालक राहत की मांग कर रहे

छोटे जलविद्युत परियोजना संचालकों का कहना है कि सीमित उत्पादन और अधिक लागत के कारण उन पर कर का बोझ डालना व्यावहारिक नहीं होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनसे लिखित सुझाव मांगे थे। अब इन सुझावों पर सोमवार को बैठक में विस्तार से विचार किया जाएगा।

राजस्व मंत्री दे चुके हैं संकेत

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सरकार छोटे प्रोजेक्ट्स की व्यावहारिक कठिनाइयों को समझते हुए संतुलित फैसला लेगी, ताकि राज्य के हितों के साथ-साथ निवेश और रोजगार पर भी नकारात्मक असर न पड़े।

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