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हिमाचल सरकार बजट की तैयारियों में जुटी, CM की अध्यक्षता में दो दिन होगी विधायक प्राथमिकता बैठक; शामिल होंगे जन सुझाव

By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 11 Jan 2026 01:40 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश सरकार 2026-27 के वार्षिक बजट को अंतिम रूप देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू की अध्यक्षता में विधायक प्राथमिकता बैठक।

  2. 4-5 फरवरी को शिमला में होगी बजट पूर्व चर्चा।

  3. जनता के सुझावों को भी बजट में किया जाएगा शामिल।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के वार्षिक बजट 2026-27 को अंतिम रूप देने से पहले सरकार विधायकों की प्राथमिकता और जन सुझावों को शामिल करने की दिशा में अहम कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में चार और पांच फरवरी को शिमला स्थित राज्य सचिवालय में विधायक प्राथमिकता बैठक का आयोजन होगा। 

इसमें प्रदेश के सभी जिलों के विधायक प्राथमिकताएं सरकार के समक्ष रखेंगे। योजना विभाग में योजना सलाहकार डा. बसु सूद की ओर से इस आशय की आधिकारिक जानकारी दी है।

सरकार केवल विधायकों के सुझावों तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसलिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आम लोगों से भी सुझाव लेने के लिए कहा है, ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सके।

जिलावार होगा विधायकों से संवाद

चार फरवरी को बैठक में सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक कांगड़ा और कुल्लू जिलों के विधायक सुझाव देंगे। वहीं, दोपहर दो बजे से सायं पांच बजे तक सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहुल स्पीति और किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ बैठक होगी। इसके बाद पांच फरवरी को सुबह 10.30 बजे से 1.30 बजे तक शिमला और मंडी जिलों के विधायकों से संवाद किया जाएगा। दोपहर दो बजे से सायं पांच बजे तक ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायक प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।

बजट से जुड़े अहम मुद्दों पर देंगे सुझाव

विधायक प्राथमिकता बैठक में विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतों और योजनाओं की प्राथमिकताएं रखने के साथ-साथ मितव्ययिता उपायों, वित्तीय संसाधन जुटाने और बेहतर प्रशासन को लेकर भी सुझाव देंगे। सरकार का प्रयास है कि विधायकों की ओर से प्राप्त व्यावहारिक और जनहित से जुड़े सुझावों को बजट में शामिल किया जाए, ताकि विकास योजनाएं अधिक प्रभावी बन सकें।

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