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पंचायतों में अब मनरेगा में नहीं होंगे नए कार्य, केंद्र ने नई कार्ययोजना को लेकर खाता किया फ्रीज, अब कैसे होंगे काम?

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 11 Jan 2026 06:55 AM (IST)Updated: Sun, 11 Jan 2026 10:59 AM (IST)

केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के तहत नए कार्य शुरू करने पर रोक लगा दी है, केवल स्वीकृत ...और पढ़ें

पंचायतों में अब मनरेगा के तहत नए कार्य नहीं होंगे। प्रतीकात्मक फोटो

पंचायतों में अब मनरेगा के तहत नए कार्य नहीं होंगे। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. हिमाचल में मनरेगा के तहत अब कोई नया कार्य नहीं।

  2. केंद्र ने नई कार्ययोजनाओं के लिए खाता फ्रीज किया।

  3. 'विकसित भारत जी राम जी योजना' लेगी मनरेगा की जगह।

यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। हिमाचल प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत अब कोई नया कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार ने मनरेगा के अंतर्गत नई कार्ययोजना को लेकर खाता फ्रीज कर दिया है। इससे देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केवल उन कार्यों को पूरा किया जाएगा, जो पहले से स्वीकृत हैं और जिन पर कार्य चल रहा है। इस संबंध में अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

केंद्र सरकार मनरेगा के स्थान पर अब विकसित भारत जी राम जी योजना को लागू करने की तैयारी कर रही है। यह योजना अगले वित्तीय वर्ष, यानी अप्रैल से शुरू की जाएगी। भविष्य में ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य इसी नई योजना के तहत किए जाएंगे और केंद्र से मिलने वाली राशि का वितरण भी इसी योजना के माध्यम से राज्यों को किया जाएगा।

पंचायतों में नई कार्ययोजनाओं को मंजूरी दी जानी थी, लेकिन अब केवल पुराने कार्यों को ही पूरा किया जा सकेगा।

नई कार्ययोजना की मंजूरी न मिलने से रोजगार होगा प्रभावित

प्रदेश में मनरेगा के तहत कुल 9.26 लाख जाबकार्ड धारक परिवार हैं, जिनमें से 13.55 लाख लोग मनरेगा के तहत मजदूरी कर रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष के दौरान 2.64 लाख कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से 1.55 लाख पर कार्य चल रहा है। इनमें से 70 प्रतिशत से अधिक कार्य लगभग पूर्ण होने की स्थिति में हैं। नई कार्ययोजना की स्वीकृति न मिलने से मनरेगा मजदूरों के कार्य प्रभावित होंगे और उन्हें बेरोजगारी का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में, केवल 20341 मजदूरों को ही 100 दिन का रोजगार मिल सका है, जबकि प्रति परिवार औसत 38 दिनों का रोजगार प्राप्त हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि हिमाचल प्रदेश में पिछले पांच महीनों से अधिक समय तक बारिश के कारण आपदा का प्रभाव रहा है, जिसके बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया भी चल रही थी। 

प्रदेश में मनरेगा की बीते तीन वर्षों की स्थिति लाखों में 

  • कार्य व राशि आ    2025-26    2024-25    2023-24    
  • कार्य (लाखों में)    2.64    3.71    2.98 
  • पूर्ण हुए कार्य(लाखों में)    1.09    1.61    80,735
  • केंद्र द्वारा जारी राशि (करोड़ में)    787.82    1212.45    1003.12
  • कुल खर्च (करोडों में)    970.93    1531.35    128,3.78
  • मज़दूरी (करोंडों में)    604.37    1005.75    769.13
  • सामग्री व स्किल्ड मज़दूरी (करोंडों में)    315.83    457.56    450.55

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