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शिमला: क्योंथल रियासत के राजमहल से निकले देवता जुन्गा के खंडित मोहरे, बेशकीमती खजाना भी जला; ...200 नहीं 800 साल पुराना महल

By Shikha Verma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 10 Jan 2026 05:18 PM (IST)

शिमला के जुन्गा स्थित प्राचीन राजमहल में आग लगने के बाद मलबा हटाने के दौरान देवता जुन्गा सहित अन्य देवताओं ...और पढ़ें

शिमला के जुन्गा में जला क्योंथल रियासत का वर्षों पुराना राजमहल। जागरण

शिमला के जुन्गा में जला क्योंथल रियासत का वर्षों पुराना राजमहल। जागरण

HighLights

  1. जुन्गा राजमहल अग्निकांड में देवता जुन्गा के मोहरे मिले।

  2. अग्निकांड में बेशकीमती खजाना भी जलकर क्षतिग्रस्त हुआ।

  3. राजमाता ने महल को 800 साल पुराना बताया।

संवाद सूत्र, जुन्गा (शिमला)। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में जुन्गा स्थित वर्षों पुराने राजमहल में गत बुधवार को आग लग गई। आग लगने से क्षतिग्रस्त हुए तत्कालीन क्योंथल रियासत के प्राचीन राजमहल से मलबा निकालने के दौरान देवता जुन्गा सहित अन्य देवताओं  के मोहरे (मूर्तियां) मिले हैं। यह अग्निकांड में पूर्ण रूप से पिघलकर गोले बन गए हैं।

बीते बुधवार को इस राजमहल में आग लग गई थी। इसमें राजमहल का एक हिस्सा अग्निकांड में क्षतिग्रस्त हो गया था और इसी हिस्से में क्योंथल रियासत के आराध्य देवता जुन्गा का मुख्य मंदिर था, जो इस अग्निकांड में दब गया था। हालांकि राजमहल में लगी आग को अग्निशमन, पुलिस, होमगार्ड और स्थानीय लोगों की मदद से पूर्ण रूप से बुझा दिया गया।

रियासत के सैकड़ों लोग जुटे थे मूर्तियां ढूंढने में

बीते तीन दिनों से क्योंथल रियासत के सैकड़ों लोग इस राजमहल के मंदिर से मूर्तियों की खोज करने में जुटे रहे। आखिरकार शनिवार को मंदिर में रखी सभी देवताओं के मोहरे क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले हैं।

रियासत की राजमाता पहुंची पुराने राजमहल

अग्निकांड में दबे देवता जुन्गा मंदिर व मूर्तियों की खोज करने के लिए की गई कार सेवा में राजमाता विजय ज्योति सेन और राजा खुश विक्रम सेन स्वयं मौजूद रहे। इस भीष्ण अग्निकांड से क्योंथल रियायात की प्रजा की ऐतिहासिक धरोहर को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है।

देवता का बेशकीमती खजाना भी जला

राजमहल के भीतर देवता जुन्गा के मंदिर और मूर्तियों के अतिरिक्त देवता का बेशकीमती खजाना भी अग्निकांड में पूर्णरूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस मंदिर के नवनिर्माण के लिए शीघ्र ही बैठक में मंथन किया जाएगा, ताकि क्योंथल क्षेत्र की इस ऐतिहासिक धरोहर का पुनः जीर्णोद्धार किया जा सके।

200 नहीं 800 साल पुराना था राजमहल

राजमाता विजय ज्योति सेन ने कहा कि यह राजमहल 200 वर्ष नहीं अपितु 800 वर्ष पुराना है, परंतु इसे गलत तरीके से उजागर किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। राजमहल तत्कालीन क्योंथल रियासत के 22 टीका और 18 ठकुराईयों की प्रमुख धरोहर थी। जिसका संरक्षण करना क्योंथल क्षेत्र की प्रजा का नैतिक दायित्व है। आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं लग पाया है।

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