हिमाचल के सरकारी कर्मचारियों को एक दिसंबर को नहीं मिलेगा वेतन, इस दिन जारी होगी सैलरी
हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को इस महीने वेतन और पेंशन 2 दिसंबर को मिल सकती है। वित्त विभाग ने सरकारी कोषागार में होने वाले नकदी के प्रवाह की समीक्षा की है और इस महीने समय पर वेतन और पेंशन की अदायगी के लिए बजट पर्याप्त है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही वित्त विभाग अंतिम निर्णय लेगा कि वेतन और पेंशन किस तारिक को जारी की।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरों को इस महीने मासिक वेतन व पेंशन 2 दिसंबर को मिल सकती है। 1 दिसंबर को अवकाश है, ऐसे में 2 दिसंबर को ही वेतन व पेंशन कर्मचारियों व पेंशनरों को जारी कर दिया जाएगा।
हर महीने कर्मचारियों के वेतन पर 1200 करोड़ व 800 करोड़ पेंशन पर खर्च होता है। वित्त विभाग ने सरकारी कोषागार में होने वाले नकदी के प्रवाह की समीक्षा की है। इसके अनुसार इस महीने समय पर वेतन व पेंशन की अदायगी के लिए बजट पर्याप्त है।
वित्त विभाग ने प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार को इसकी फाइल भेजी है। इसमें वित्तीय स्थिति के बारे में बताया गया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही वित्त विभाग अंतिम निर्णय लेगा कि वेतन व पेंशन किस तारीख को जारी की जाएगी।
28 अक्टूबर को दिया था वेतन व पेंशन
अक्टूबर महीने में दीपावली का पर्व होने के चलते कर्मचारियों को 28 तारीख को ही वेतन का भुगतान कर दिया गया था। राज्य सरकार वित्तीय स्थिति ठीक करने के लिए कई कदम उठा रही है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में 23186 श्रमिक बेरोजगारी भत्ता योजना के अंतर्गत आए, 44.54 करोड़ रुपए किए गए प्रदान
व्यर्थ के खर्चों पर लगाम लगाई जा रही है। जिसके चलते प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार हो रहा है। वित्त विभाग के अनुसार राज्य सरकार को होने वाली प्राप्तियों और व्यय असंतुलन को कम करके यह प्रयास किया जा रहा है। जिससे वित्तीय स्थिति सुधर रही है।
5 को वेतन व 10 को पेंशन देने से 36 करोड़ की बचत
सितंबर महीने में सरकार समय पर वेतन का भुगतान नहीं कर पाई थी। वेतन व पेंशन में देरी एक बड़ा मुद्दा बना था। सरकार ने कहा था कि वह हर महीने 5 तारीख को वेतन व 10 तारीख को पेंशन की अदायगी करेगी।
इसका मुख्य कारण सरकार खर्चे का प्राप्तियों के साथ मैपिंग करके कुशल वित्तीय संसाधनों का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करना बताया था। ऐसा करने से कर्ज पर ब्याज राशि बचाने का प्रयास करने का तर्क दिया गया था।
भारत सरकार से 6 तारीख को 520 करोड़ आरडीजी यानी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट व 10 तारीख को केंद्रीय करों की हिस्सेदारी का 740 करोड़ आता है। हिमाचल में 1 लाख 90 हजार के करीब कर्मचारी व 1 लाख 70 के करीब पेंशनर हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।