Himachal Disaster: अब तक 320 लोगों की मौत, हिमाचल में कुदरत का कहर जारी, बाढ़ और भूस्खलन से 838 सड़कें बंद
शिमला में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में हालात गंभीर हैं। 20 जून से मानसून की शुरुआत के बाद से मरने वालों की संख्या 320 तक पहुंच गई है। राज्य में 839 सड़कें 728 बिजली ट्रांसफार्मर और 456 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं। चंबा मंडी और कुल्लू जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं और बहाली के प्रयास जारी हैं। भारी बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैं।

डिजिटल डेस्क, शिमला। हिमाचल में नदियों ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। बारिश और भूस्खलन से प्रदेश में हालात बद से बदत्तर हैं। भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में सड़कें बुरी तरह प्रभावित हैं। वहीं, मृतकों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 320 हो गई है।
इनमें से 166 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बिजली गिरने जैसी बारिश से संबंधित घटनाओं के कारण हुईं, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में 154 मौतें हुईं। हाल ही में हुई अधिकांश सार्वजनिक उपयोगिताओं में व्यवधान का मुख्य कारण लगातार हो रही भारी बारिश रही है।
यातायात के लिए 838 सड़कें बंद
30 अगस्त, 2025 को शाम 6:00 बजे तक, 839 सड़कें, 728 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) और 456 जलापूर्ति योजनाएँ ठप थीं।
यह उसी दिन सुबह की रिपोर्ट की तुलना में व्यवधानों में वृद्धि दर्शाता है। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के कारण कुल 839 सड़कें और तीन राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हैं।
चंबा, मंडी और कुल्लू ज़िले सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहाँ क्रमशः 286, 197 और 175 सड़कें अवरुद्ध हैं। NH-03, NH-05 और NH-305 उन राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल हैं जो वर्तमान में बंद हैं।
इसके अलावा, राज्य भर में कुल 728 डीटीआर बाधित हैं। सबसे ज़्यादा बिजली व्यवधान चंबा (363 डीटीआर) और कुल्लू (225 डीटीआर) में हैं। मंडी ज़िले में भी 123 डीटीआर व्यवधानों की सूचना मिली है।
456 जल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित
हिमाचल प्रदेश में 456 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िले चंबा हैं जहाँ 93 योजनाएँ बाधित हैं, और मंडी में 56। शिमला और सिरमौर ज़िलों में भी क्रमशः 52 और 38 योजनाएँ बाधित होने की सूचना है।
एसईओसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि बहाली के प्रयास जारी हैं, लेकिन लगातार भारी बारिश और दुर्गम भूभाग के कारण इसमें चुनौतियाँ आ रही हैं।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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