हिमाचल में आपदा से 800 करोड़ रुपये का नुकसान, मदद मांगने दिल्ली जाएंगे CM सुक्खू, इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
CM Sukhu Delhi Visit मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हुए 800 करोड़ के नुकसान की भरपाई के लिए दिल्ली जाएंगे। वे गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलेंगे और वित्तीय सहायता की मांग करेंगे। मुख्यमंत्री ऋण सीमा बढ़ाने और राजस्व घाटा अनुदान में कटौती का मुद्दा भी उठाएंगे।

राज्य ब्यूरो, शिमला। CM Sukhu Delhi Visit, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बरसात के कारण प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मदद मांगने दिल्ली जाएंगे। इसके साथ-साथ राज्य के वित्तीय संकट की स्थिति से भी गृह मंत्री अमित शाह और डा. निर्मला सीतारमण को अवगत करवाएंगे। वह रविवार 13 जुलाई को दोपहर बाद तीन बजे शिमला से चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे। चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री सुक्खू हिमाचल भवन में रात्रि विश्राम करेंगे। सोमवार 14 जुलाई को दिल्ली रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं 16वें वित्तायोग के अध्यक्ष डा. अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को रखेंगे। सीतारमण से राज्य के प्रतिकूल हालात को देखते हुए ऋण सीमा को बढ़ाने की मांग भी करेंगे।
डा. अरविंद पनगढ़िया से मुख्यमंत्री सुक्खू की तीसरी मुलाकात होने वाली है। इससे पहले वित्तायोग के हिमाचल दौरे पर पहली मुलाकात हुई थी, इसके बाद मुख्यमंत्री दिल्ली में दूसरी बार मिल चुके हैं। अब तीसरी बार मिलकर राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) राशि में हुई कटौती का मामला फिर से उठाएंगे।
11,431 से 3,257 करोड़ रुपये की आरडीजी ग्रांट
प्रदेश को वित्तीय वर्ष, 2020-21 के दौरान 11,431 करोड़ रुपये आरडीजी ग्रांट मिलती थी, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष, 2025-26 में घटकर 3,257 करोड़ रुपये रह गई है। ऐसे में अगले वित्तायोग की सिफारिशों में इस घाटे की भरपाई करने की मांग की जाएगी। इसी तरह केंद्रीय करों एवं केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाओं में उदार वित्तीय मदद का आग्रह करेंगे। इसके अलावा समय मिलने पर मुख्यमंत्री केंद्र के अन्य नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं।
अधिकारियों से लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का ग्राउंड जीरो पर जाकर दौरा करने के अलावा उच्च अधिकारियों से फीडबैक लिया। राज्य को अब तक मानसून के दौरान करीब 800 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। ऐसे में अब तक हुए नुकसान से संबंधित आंकड़ों की प्रारंभिक रिपोर्ट भी वह केंद्र को सौंप सकते हैं। हालांकि इसका आकलन केंद्रीय टीम की तरफ से अलग से किया जा रहा है।
समेज में हुई त्रासदी की एवज में भी राहत की मांग
बीते वर्ष समेज में हुई त्रासदी की एवज भी अलग से राहत प्रदान करने की मांग करेंगे। इस बार मंडी जिला में बादल फटने की घटनाओं से जन-धन को भारी नुकसान पहुंचा है। इसको देखते हुए वह केंद्र से अलग से पैकेज देने की मांग करेंगे, ताकि आपदा प्रभावितों को बसाया जा सके।
वन भूमि में आवास बनाने की अनुमति मांगेंगे
इसी तरह वन भूमि क्षेत्र में प्रभावितों को आवास बनाने के लिए जगह उपलब्ध करवाने की मांग भी करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से बादल फटने की बढ़ती घटनाओं के कारण आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए उदार वित्तीय मदद की गुहार लगाएंगे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।