'लर्निंग लाइसेंस भी कानूनन ड्राइविंग के लिए वैध', हिमाचल हाई कोर्ट का फैसला; 34 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि लर्निंग लाइसेंस भी कानूनी रूप से वैध ड्राइविंग ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
लर्निंग लाइसेंस कानूनी रूप से वैध ड्राइविंग लाइसेंस है।
बीमा कंपनी मुआवजा देने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
हाई कोर्ट ने 34 लाख रुपये से अधिक मुआवजा देने का आदेश दिया।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना दावों से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि लर्निंग लाइसेंस भी कानूनन एक वैध ड्राइविंग लाइसेंस है। इसके आधार पर बीमा कंपनी अपनी मुआवजा देने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। हिमाचल हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी के साथ संबंधित बीमा कंपनी को मुआवजा जारी करने का आदेश दिया है।
बीमा कंपनी की अपील खारिज की
न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए मुआवजे की राशि को 33,97,440 से बढ़ाकर 34,03,030 कर दिया और इसकी पूरी देनदारी बीमा कंपनी पर बरकरार रखी।
बीमा कंपनी ने दिया था तर्क
बीमा कंपनी का मुख्य तर्क था कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल चालक के पास केवल लर्निंग लाइसेंस था और उसने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन किया था, इसलिए यह बीमा पॉलिसी का मूल उल्लंघन है।
कोर्ट ने टिप्पणी के साथ दिया आदेश
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि लर्निंग लाइसेंस धारक को 'वैध लाइसेंस रहित' नहीं माना जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने 34 लाख रुपये मुआवजा राशि जारी करने का आदेश दिया।
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