हिमाचल में वरिष्ठता विवाद में फंसी 749 TGT की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति, नई सूची से फिर बदल सकते हैं समीकरण
हिमाचल प्रदेश में 749 टीजीटी शिक्षकों की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति वरिष्ठता विवाद और अदालती मामलों के कारण एक साल ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में टीजीटी की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति अटकी है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
749 टीजीटी शिक्षकों की प्रवक्ता पदोन्नति वरिष्ठता विवाद में अटकी।
विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) प्रक्रिया एक साल पहले पूरी।
अदालती मामलों के कारण पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो पा रहे।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में 749 टीजीटी शिक्षकों की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति वरिष्ठता विवाद के कारण अटक गई है। स्थिति यह है कि पदोन्नति के लिए पैनल तैयार होने और विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो पाए हैं।
प्रदेश में प्रवक्ता के 3595 पद रिक्त होने के बावजूद शिक्षकों को पदोन्नति का इंतजार करना पड़ रहा है। निदेशालय ने इस वर्ष टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति के लिए नए मामले मंगवाने से भी इन्कार कर दिया है।
वरिष्ठता के मामले कोर्ट में लंबित
टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति पर सीधे तौर पर कोई न्यायालयीन रोक नहीं है, लेकिन शिक्षकों की वरिष्ठता से जुड़े विभिन्न मामले उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। इनमें कुछ मामलों में वरिष्ठता सूचियों और उनसे जुड़ी कार्रवाई पर स्थगन आदेश भी हैं। इसी कानूनी उलझन के कारण विभाग पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रहा है।
डीम्ड रेगुलर और सामान्य नियमित शिक्षकों के बीच वरिष्ठता का विवाद पिछले वर्ष अक्टूबर में न्यायालय पहुंचा था। अनिल कुमार बनाम हिमाचल सरकार मामले में प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने लगा दी थी रोक
वहीं, सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश राज्य बनाम सतीश कुमार एवं अन्य मामले में सात अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए पूर्णिमा बनाम सरकार मामले में उच्च न्यायालय की ओर से जारी अवमानना कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। अपील लंबित रहने तक उच्च न्यायालय के निर्णय और उस पर होने वाली कार्रवाई स्थगित रहेगी। इस विवाद का असर पहले हुई पदोन्नतियों पर भी पड़ा है।
जारी हो गए थे पदावनति नोटिस
21 अगस्त 2025 को विभाग ने 642 टीजीटी को प्रवक्ता पद पर पदोन्नत किया था। इनमें से 592 शिक्षकों को नवंबर 2025 में पदावनति के नोटिस जारी किए गए थे। इस कानूनी खींचतान का खामियाजा पदोन्नत शिक्षकों को भी भुगतना पड़ रहा है।
प्रवक्ता बने शिक्षकों को भी नहीं मिला लाभ
अगस्त 2025 में प्रवक्ता बने सैकड़ों शिक्षकों को अब तक पदोन्नति का वित्तीय लाभ नहीं मिला है। वेतन निर्धारण और वार्षिक वेतनवृद्धि लंबित है। सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों की पेंशन का निर्धारण भी प्रभावित हुआ है।
नई वरिष्ठता सूची से फिर बदल सकते हैं समीकरण
कर्मचारी अधिनियम निरस्त होने के बाद ताज मोहम्मद मामले में आए निर्णय के आधार पर अनुबंध शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता देने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। इसके चलते अगले महीने वरिष्ठता सूचियों में बदलाव की तैयारी है। ऐसे में लंबित न्यायिक मामलों के साथ प्रस्तावित बदलाव भी पदोन्नति प्रक्रिया के लिए नई चुनौती बन सकते हैं।
क्या कहना है संघ का
संघ का कहना है कि वरिष्ठता सूचियों में संभावित बदलाव और न्यायालयों में लंबित मामलों के कारण पदोन्नति प्रक्रिया लगातार प्रभावित हो रही है। राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि इस मामले को विभाग के समक्ष रखा गया है। संघ ने इस मामले के समाधान के लिए महाधिवक्ता अनूप रत्न से भी मुलाकात की थी। संघ ने मांग की है कि कानूनी स्थिति स्पष्ट कर 749 शिक्षकों की लंबित पदोन्नति का रास्ता निकाला जाए, ताकि इसी सत्र में पदोन्नति आदेश जारी हो सकें।
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