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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal: सरकारी स्कूलों के लिए सिंगापुर जैसा एजुकेशन पैटर्न अपनाएगी सरकार! 200 शिक्षक करेंगे विदेश के टॉप स्कूलों का दौरा

Published: Wed, 03 Jan 2024 06:02 PM (IST)

Himachal सरकारी स्कूलों में तैनात 200 शिक्षकों को सरकार एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश दौरे पर भेजेगी। सिंगापुर में शिक्षकों ...और पढ़ें

Himachal: सरकारी स्कूलों के लिए सिंगापुर जैसा एजुकेशन पैटर्न अपनाएगी सरकार!
Himachal: सरकारी स्कूलों के लिए सिंगापुर जैसा एजुकेशन पैटर्न अपनाएगी सरकार!

HighLights

  1. डीपीई व पीईटी के लिए खेल में कैसे शिक्षकों को आगे बढ़ाना है इसकी तकनीक सीखेंगे
  2. विदेश दौरे में एक स्कूल नहीं अलग अलग स्थानों का होगा विजिट
  3. शिक्षा में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में सरकार की पहल

अनिल ठाकुर, शिमला। राज्य के सरकारी स्कूलों में तैनात 200 शिक्षकों को सरकार एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश दौरे पर भेजेगी। सिंगापुर में शिक्षकों को भेजा जाएगा। विदेश में शिक्षक एक व दो स्कूल में नहीं जाएंगे, बल्कि उन्हें अलग अलग स्थानों पर विजिट करवाया जाएगा। किस श्रेणी के शिक्षक को किस स्थान पर ले जाना है इसके लिए प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापक स्कूल के मुखिया होते हैं। इसलिए इन्हें लीडरशिप का पाठ पढ़ाया जाएगा। बच्चों में कम्यूनिकेशन स्किल, विषय चयन के लिए कैसे मोटिवेट करना है इन सारी चीजों के बारे में कैसे काम होता है इन सारी चीजों का वहां पर अवलोकन किया जाएगा। सिंगापुर के जो टॉप स्कूल है वहां पर प्रधानाचार्य का काम कैसा होता है, किस तरह से वे स्कूल की निगरानी करते हैं वह सारी चीजे सिखेंगे।

पढ़ाई की कौन सी तकनीक की जाती है इस्तेमाल

इसी तरह डीपीई व पीईटी टीचर यह सीखेंगे कि स्कूल में खेल को किस तरह से सिखाया जाता है, वहां पर बच्चो के लिए क्या सुविधाएं हैं। प्रवक्ता, टीजीटी, सीएंडवी शिक्षक पढ़ाने का तरीका सीखेंगे कि विदेश में किस तरह से बच्चों को पढ़ाया जाता है। जेबीटी टीचरों पर भी विभाग का सबसे ज्यादा फोकस है। विभाग का मानना है कि छोटे बच्चों को पढ़ाना काफी मुशिकल काम होता है। विदेश में कैसे छोटे बच्चों को पढ़ाया जाता है, पढ़ाई की क्या तकनीक वे इस्तेमाल करते हैं इसके बारे में सीखेंगे।

शिक्षकों का चयन अगले सप्ताह होगा पूरा

शिक्षकों के चयन के लिए समग्र शिक्षा अभियान ने उच्चतर व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को काम सौंपा है। अगले सप्ताह तक चयन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। काफी ज्यादा आवेदन विभाग के पास पहुंचे हैं।

विदेश की सीख से सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्कूल में पढ़ाएंगे

सिंगापुर में एक्सपोजर विजिट के बाद वापिस लौटने पर शिक्षकों की नियुक्ति सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्कूलों में की जाएगी। सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्कूलों का चयन शिक्षा विभाग इसी महीने कर देगी। बीते रोज शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई थी। इसमें जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग हर स्कूल में एक एक शिक्षक को तैनात करेगी ताकि वे विदेश से जो सीखकर आया है उसे उन स्कूलों में लागू कर सकें। ये शिक्षक अन्य शिक्षकों के लिए भी मॉडल बनेंगे।

200 शिक्षकों को सिंगापुर में एक्सपोजर विजिट के लिए भेजा जाएगा। प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापक लीडरशिप के बारे में सीखेंगे, जबकि शिक्षक पढ़ाने की तकनीक को सीखेंगे। सिंगापुर के टॉप स्कूलों में भ्रमण के लिए ले जाया जाएगा। कहां कहां पर ये शिक्षक जाएंगे शिक्षकों के चयन के बाद इसकी पूरी गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी।

राजेश शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान

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