Himachal: वाटर सेस पर सरकार ने साधे दो निशाने, कम दरों से सहमति बनाने का प्रयास
सरकार ने जल उपकर की दरों में पांच गुणा कटौती करते हुए संशोधित उपकर दरें घोषित की हैं। इससे ऊंची जल उपकर दरों को लेकर विरोध जता रहे सुक्ष्म एवं लघु जल विद्युत उत्पादकों के साथ-साथ मध्यम व बड़े विद्युत उत्पादकों को राहत मिलेगी। हिमाचल मंत्रिमंडल ने मंगलवार को बैठक में वाटर सेस की दरें लगभग आधी करने का निर्णय लिया है।

शिमला, राज्य ब्यूरो: सरकार ने जल उपकर की दरों में पांच गुणा कटौती करते हुए संशोधित उपकर दरें घोषित की हैं। इससे ऊंची जल उपकर दरों को लेकर विरोध जता रहे सुक्ष्म एवं लघु जल विद्युत उत्पादकों के साथ-साथ मध्यम व बड़े विद्युत उत्पादकों को राहत मिलेगी। वाटर सेस पर प्रदेश सरकार ने दो निशाने साधते हुए दरों को कम करते हुए विद्युत उत्पादकों के साथ सहमति बनाने का प्रयास किया है, तो प्रदेश उच्च न्यायालय में सरकार मजबूती से पक्ष रख सकेगी।
सरकार ने बिजली परियोजनाओं से वसूले जाने वाले जल उपकर की दरों में कटौती कर दो निशाने साधे। पहला, कम दरों पर बिजली परियोजना प्रबंधन जल उपकर देने पर राजी हो सकते हैं, दूसरा अब सरकार उच्च न्यायालय में मजबूती से पक्ष रख पाएगी कि इससे अधिक बोझ नहीं पड़ेगा। यह मामला उच्च न्यायालय में है और अदालत ने सरकार से 11 सितंबर को जवाब मांगा है।
जल उपकर की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं, पांच मेगावाट से नीचे, पांच से पच्चीस मेगावाट, पच्चीस मेगावाट से अधिक। नई जल उपकर दरों के तहत विद्युत उत्पादकों को दो पैसा से लेकर अधिकतम दस पैसा प्रति क्यूबिक मीटर उपकर चुकाना होगा। इसके साथ-साथ सरकार ने बारह साल बाद जल उपकर दरों को भी संशोधित किया है। तब न्यूनतम छह पैसा से लेकर अधिकतम तीस पैसा प्रति क्यूबिक मीटर उपकर का भुगतान करना होगा।
नई जल उपकर दरों के तहत किए गए आकलन के तहत सरकार को हर वर्ष करीब पंद्रह सौ करोड़ का उपकर प्राप्त होगा। जबकि आरंभिक दरों के तहत जल उपकर चार हजार करोड़ रुपये तक आने की संभावना व्यक्त की गई थी।
पानी उठाए जाने की ऊंचाई, पहले प्रति क्यूबिक मीटर सेस, संशोधित सेस दर
- 30 मीटर, 10 पैसे, 2 पैसे
- 30 से 60 मीटर, 25 पैसे, 5 पैसे
- 60 से 90 मीटर, 35 पैसे, 7 पैसे
- 90 मीटर से अधिक, 50 पैसे, 10 पैसे
- 12 साल के बाद कितना जल उपकर बढ़ेगा
- 30 मीटर, 6 पैसे
- 30 से 60 मीटर, 15 पैसे
- 60 से 90 मीटर, 20 पैसे
- 90 मीटर से अधिक, 30 पैसे
सरकार ने जल उपकर की दरें पांच गुणा की कम
सरकार ने जल उपकर की दरें पांच गुणा कम करते हुए जल विद्युत परियोजना प्रबंधकों काे बहुत बड़ी राहत प्रदान की है। विद्युत परियोजना प्रबंधकों का अधिक जल उपकर दरों को लेकर एतराज था। जिसे ध्यान में रखा गया है और सभी परियोजना प्रबंधकाें को इसका लाभ होगा। - ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव जल शक्ति।
जल उपकर की संशोधित दर भी स्वीकार्य नहीं
हमें दो पैसा प्रति क्यूबिक मीटर जल उपकर की संशोधित दर भी स्वीकार्य नहीं है। इसके पीछे ठोस तर्क ये है कि जो 112 सुक्ष्म और लघु प्रोजेक्ट हैं उनसे कमीशन लेना चाहती है। हम से विद्युत बोर्ड बिजली की खरीद करता है, जिसका प्रति यूनिट खरीद मूल्य 2.50 रुपये से लेकर 4.59 रुपये प्रति यूनिट रहता है। - राजेश शर्मा, अध्यक्ष हाइड्रो डवेलपर एसोसिएशन।
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