Himachal Disaster: अब तक 312 की मौत, हिमाचल में मौत बनकर बरस रही बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 2753 करोड़ का नुकसान
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा कुल्लू कांगड़ा ऊना मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की संभावना है। भारी वर्षा के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है कई सड़कें बंद हैं और बिजली आपूर्ति बाधित है। भारी वर्षा से प्रदेश में 2753 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

राज्य ब्यूरो, शिमला। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त तक बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। 30 अगस्त को चंबा, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
जिसे लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि 31 अगस्त को ऊना, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
जबकि हमीरपुर, बिलासपुर, बंबा, कुल्लू, सोलन, किन्नौर और शिमला जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है।1 सितंबर को ऊना, मंडी, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा को येलो अलर्ट और 2 सितंबर को शिमला, सिरमौर और मंडी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश में भारी वर्षा के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है। चंबा, मंडी और कांगड़ा में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ जिसके कारण आवाजाही प्रभावित है। दोपहर बाद शिमला और ऊपरी क्षेत्र में बहुत भारी वर्षा हुई और कई स्थानों पर पानी घरों में घुस गया।
प्रदेश में दो एपएच 03 और 305 बंद है। इसके अलावा 914 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। चंबा में 265, मंडी में 232, कुल्लू में 160, सिरमौर में 96, कांगड़ा में 60, शिमला में 47, लाहुल स्पीति में 21 सड़कें बंद हैं।
925 ट्रांसफार्मरों के खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है। 266 पेयजल योजनाएं बंद है जिसके कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। प्रदेश में अभी तक अगस्त माह में सामान्य से 67 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
अब तक 312 की मौत
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से 312 मौतें हुई हैं, जिनमें से 160 मौतें वर्षाजनित आपदाओं जैसे भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटने, डूबने, बिजली का झटका लगने और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं से संबंधित हैं, तथा 152 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं।
बरसात के दौरान अभी तक 2753 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में 20 जून से लेकर अभी तक 2753 करोड़ के नुकसान का आकलन किया जा चुका है। प्रदेश में 776 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 2960 मकानों 485 दुकानों और 3367 गौशालाओं को नुकसान हुआ है।
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