कौन होगा हिमाचल कांग्रेस का नया अध्यक्ष? चुनाव को लेकर मंथन शुरू; रजनी पाटिल करेंगी वन टू वन बैठक
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में नए अध्यक्ष और संगठन के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रजनी पाटिल 31 मई को शिमला में नेताओं से मिलेंगी। इससे पहले 30 मई को जय हिंद सभा होगी। सह प्रभारी विदित चौधरी भी विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें कर रहे हैं। जून के पहले सप्ताह में नई कार्यकारिणी का ऐलान हो सकता है। अध्यक्ष पद के लिए कई नामों पर चर्चा है।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नए संगठन के गठन को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल 31 मई को शिमला में पार्टी नेताओं के साथ वन टू वन बैठक करेगी। पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में यह बैठक होगी।
इसमें कांग्रेस के अग्रणी संगठनों व विभिन्न विभागों के पूर्व में रहे पदाधिकारी भी उनसे मिलेंगे व अपनी बात रखेंगे। 30 को कांग्रेस की शिमला में जय हिंद सभा आयोजित होने जा रही है। इसके अगले दिन ही यह बैठक होगी। प्रदेशभर से कार्यकर्ता इस दिन शिमला पहुंचेंगे।
वहीं कांग्रेस सह प्रभारी विदित चौधरी शिमला के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। बीते रोज वह जुब्बल कोटखाई विस क्षेत्र के दौरे पर थे। जबकि बुधवार को कसुम्पटी व शिमला ग्रामीण के नेताओं के साथ बैठक कर उनका पक्ष सुनेंगे।
सूत्रों की माने तो जून के पहले सप्ताह में ही नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया जाएगा। पिछले 7 महीनों से प्रदेश में कार्यकारिणी नहीं है। अकेले प्रतिभा सिंह ही संगठन का कामकाज संभाल रही है। उनका भी तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में अब नए संगठन के गठन की प्रक्रिया चली हुई है।
गुटों में बंटी है कांग्रेस, संगठन गठन का लटका है मामला
पार्टी हाइकमान ने पिछले सात महीनों में संगठन के गठन को लेकर एक नहीं अनेको बार प्रयास किए हैं। राज्य में कांग्रेस कई धड़ों में बंटी हुई है। हाइकमान चाहता है कि सभी एकजुट हो ताकि संगठन की गतिविधियां सुचारू रूप से चल सके। सूत्रों की माने तो एक धड़ा चाहता था कि कार्यकारिणी के साथ अध्यक्ष भी नया हो इसलिए यह मामला लटकाया गया था।
नए अध्यक्ष के लिए ये नाम चर्चा में
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर कई नाम चर्चा में है। इनमें पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह के अलावा विधायक कुलदीप राठौर, संजय अवस्थी, सुरेश कुमार, विनोद सुल्तानपुरी का नाम रेस में है।
यदि हाईकमान मंत्री को अध्यक्ष की कुर्सी देता है तो उन्हें एक पद छोड़ना पड़ सकता है। इस बार एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को लागू करने की बात पार्टी कर रही है। सूत्रों की माने तो इसको लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। बोर्ड व निगम में कुछ ऐसे नेता हैं जिन्हें संगठन में स्थान मिलना तय माना जा रहा है।
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