Himachal Budget 2025: सीएम सुक्खू सुबह नहीं दोपहर में पेश करेंगे बजट, जानिए क्यों बदला समय? 10 मार्च से सत्र शुरू
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च से शुरू हो रहा है। इस बार सत्र में कई बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 मार्च को दोपहर 2 बजे विधानसभा में राज्य का आम बजट पेश करेंगे। बजट सत्र से पहले 9 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। सत्र में कुल 16 बैठकें होंगी और 963 सवाल सदन में गूंजेंगे।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 10 मार्च से शुरू होने जा रहे बजट सत्र में इस बार व्यवस्था परिवर्तन की तरह परंपरा परिवर्तन होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 मार्च को विधानसभा में राज्य का वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश करेंगे। मुख्यमंत्री यह बजट 17 मार्च को दोपहर बाद 2 बजे विधानसभा में पेश करेंगे। परंपरा के अनुसार अभी तक प्रदेश विधानसभा में आम बजट हमेशा ही सुबह 11 बजे पेश हुआ है।
लेकिन इस बार 17 मार्च को बजट पेश होने वाले दिन सोमवार आ रहा है और हिमाचल प्रदेश विधानसभा नियमों के मुताबिक सोमवार को प्रदेश विधानसभा का सत्र दोपहर बाद 2 बजे आरंभ होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री भी दोपहर बाद ही राज्य का आम बजट पेश करेंगे।
प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज विधानसभा सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह बात कही। बजट सत्र से पूर्व रविवार 9 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें पक्ष और विपक्ष से सदन में सार्थक चर्चा की अपील की जाएगी। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ने हिमाचल विधानसभा सत्र देखने की इच्छा जाहिर की।
सत्र में कुल 16 बैठकें होंगी
उन्होंने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र का शुभारंभ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ होगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर 11 से 13 मार्च तक चर्चा होगी। सत्र में कुल 16 बैठकें होंगी। 28 मार्च तक चलने वाले सत्र में 963 सवाल सदन में गूंजेंगे। जिसमें 737 तारांकित और 226 प्रश्न तारांकित रूप से पूछे गए हैं।
बजट सत्र में 22 और 27 मार्च को गैर सरकारी दिवस होगा। सदन में 26 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पारित किया जाएगा।
सदस्यों ने 226 अतारांकित सवाल भी पूछे
उन्होंने बताया कि अभी तक नियम 62 के तहत 9 सूचनाएं, नियम 101 के अंतर्गत 5 और नियम 130 के तहत 10 सूचनाएं चर्चा के लिए प्राप्त हुई है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक विधानसभा सचिवालय को कुल 963 प्रश्न सदस्यों की ओर से मिले हैं। इनमें से 737 तारांकित प्रश्न हैं।
इनमें से 680 ऑनलाइन और 56 प्रश्न आफलाइन पूछे गए हैं। सदस्यों ने 226 अतारांकित सवाल भी पूछे हैं। इनमें से 223 ऑनलाइन और तीन ऑफलाइन विधानसभा को मिले हैं।
उन्होंने कहा कि सभी प्रश्नों को सरकार को उत्तर के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण और 17 मार्च को राज्य के आम बजट के चलते सदन में प्रश्नकाल नहीं होगा। प्रयास रहेगा कि सदन में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त समय मिले।
उन्होंने सदस्यों से चर्चा के माध्यम से जनहित के मुद्दे उठाने की अपील की। कुलदीप सिंह पठानिया ने ये भी कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में लगभग सभी विधायक चर्चा में हिस्सा लेते हैं जो अच्छी परंपरा है।
भाजपा विधायकों के भाग्य का फैसला सदन के भीतर
बीते वर्ष के बजट सत्र के दौरान 11 भाजपा विधायकों के सदन में आचरण के मामले पर पूछे गए प्रश्न पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि मामला सदन के भीतर का है और अभी विचाराधीन है। यदि सदन में मामला उठता है तो निर्णय लिया जाएगा।
'मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा था जोकि ठेस पहुंचाए'
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने विधानसभा अध्यक्ष की अवमानना के मामले में अपना जवाब दे दिया है।
उन्होंने कहा कि हर्ष महाजन ने अपने जवाब में कहा है कि उन्होंने किसी भी ऐसे शब्द का प्रयोग नहीं किया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष पद को ठेस पहुंची हो। उन्होंने कहा कि यह मामला भी विधानसभा के विचाराधीन है और सही समय पर निर्णय लिया जाएगा।
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