Himachal News: तीन दिन के रिमांड पर इंजीनियर, 40 हजार रिश्वत के साथ हुआ था गिरफ्तार
कुलवंत सिंह मलिक, सहायक गैरीसन इंजीनियर (एजीई) (अनुबंध) पर आरोप है कि पहले से भुगतान किए गए 6 बिलों के संबंध में तकनीकी मंजूरी देने और अंतिम बिलों की मंजूरी व भुगतान के बदले में शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये का अनुचित लाभ रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
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सांकेतिक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। 40 हजार रुपये की रिश्वत के साथ हिरासत में लिए गए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज यानी एमईएस के सहायक गैरीसन इंजीनियर (एजीई) कुलवंत सिंह मलिक को शुक्रवार को सीबीआइ अदालत शिमला में पेश किया गया।
जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया है। सीबीआइ की टीम ने उसे वीरवार को जिला शिमला के रामपुर के तहत झाखड़ी से 40 हजार रुपये की रिश्वत के साथ उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
कुलवंत सिंह मलिक, सहायक गैरीसन इंजीनियर (एजीई) (अनुबंध) पर आरोप है कि पहले से भुगतान किए गए 6 बिलों के संबंध में तकनीकी मंजूरी देने और अंतिम बिलों की मंजूरी व भुगतान के बदले में शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये का अनुचित लाभ रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
अवेरी मिलिट्री स्टेशन, जिला कुल्लू में गेट नंबर 2 और गेट नंबर 3 के पास 2 गार्ड रूम का निर्माण कार्य, जिसकी अनुमानित लागत 32 लाख और 38 लाख रुपये है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि दिसंबर, 2024 में कार्यों के पूरा होने के बाद शिकायतकर्ता द्वारा लगभग 5 लाख रुपये प्रत्येक के अंतिम बिल प्रस्तुत किए गए थे और वे अब तकनीकी मंजूरी के लिए कुलवंत सिंह मलिक के पास लंबित हैं।
तकनीकी मंजूरी के बाद, इन बिलों को गैरीसन इंजीनियर के कार्यालय द्वारा सीडब्ल्यूई, हिल्स कार्यालय, देहरादून को भेजा जाता है। यादवेन्द्र शर्मा
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