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    Himachal News: पेयजल का संकट, गिरी नदी में तेज बहाव से मशीनरी को नुकसान; गाद व मलबा आने से पंपिंग हुई बंद

    Himachal News ठियोग को पानी देने वाली गिरी नदी में तेज बहाव से मशीनरी को नुकसान हुआ है। गिरी नदी में पानी का स्तर ऊपर हो गया है और गाद आने के कारण पंपिंग बंद हो गई है जिससे अब पेयजल का संकट का मंडराने लगा है। बता दें कि पिछले साल तेज बारिश की वजह से विभाग की मशीनरी बह गई थी।

    By narveda kaundal Edited By: Nitish Kumar Kushwaha Updated: Thu, 08 Aug 2024 04:02 PM (IST)
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    गिरी नदी में मशीनरी को नुकसान होने से पेयजल का मंडराने लगा संकट (जागरण फोटो)

    संवाद सूत्र, ठियोग। उपमंडल की कई पंचायतों और ठियोग को पानी उपलब्ध करवाने वाली गिरी नदी में गाद आने के कारण पंपिंग बंद हो गई है। गुरुवार को गिरी खड्ड का जलस्तर अपने औसतन स्तर से तीन फीट ऊपर बह रहा है।

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    तेज पानी के बहाव में गाद आने की वजह से ठियोग कस्बे और अन्य पंचायतों को पेयजल सप्लाई करने वाली स्कीमों के पंप बंद हो गए हैं। गिरी खड्ड से पानी पंप करने के लिए विभाग की ओर से पानी के अंदर पंप स्थापित किए होते हैं।

    पानी के तेज बहाव में मशीनरी को कितना नुकसान पहुंचा है इसका आकलन करना अभी मुमकिन नहीं है। जल स्तर गिरने और हालत सामान्य होने के बाद ही मशीनरी को हुए नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    पानी की सप्लाई पर पड़ सकता है असर

    पिछले साल की बरसात में भी तेज बहाव में विभाग की मशीनरी बह गई थी। जल स्तर सामान्य होने और गाद के कम होने पर ही पानी की पंपिंग शुरू हो पाएगी। इन दिनों क्षेत्र के कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है और यह सारा पानी गिरी नदी में जाकर गिरता है।

    तेज बारिश होने की वजह से भूमि कटाव होता है और मिट्टी पानी के साथ बह कर गिरी नदी में जाकर मिलती है। जिससे पानी की पंपिंग करने वाली मशीनरी प्रभावित हो जाती है जिससे पानी की सप्लाई पर असर पड़ता है।

    लोगों को सजगता से खर्च करना होगा पानी

    लगातार हो रही बारिश और गिरी में गाद के कारण आने वाले दिनों में भी पंपिंग प्रभावित रहने के संभावना है। ठियोग कस्बे में पहले से ही एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है लेकिन हालत को देखते हुए यह सप्लाई अधिक दिनों बाद हो पाएगी।

    आने वाले दिनों में लोगों को पानी की कमी से भी जूझना पड़ सकता है। वही इस समस्या से निपटने के लिए लोगों को पानी खर्च करने में सजगता बरतनी पड़ेगी।

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