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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्राथमिकताओं पर काम न होने से छलका व‍िधायकों का दर्द

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Published: Tue, 31 Jan 2017 01:00 AM (IST)Updated: Tue, 31 Jan 2017 11:30 AM (IST)

ह‍िमाचल प्रदेश के श‍िमला में विधायक प्राथमिकता बैठक में पिछली योजनाओं पर काम शुरू न होने से न केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस विधायको का भी दर्द छलक उठा।

प्राथमिकताओं पर काम न होने से छलका व‍िधायकों का दर्द
प्राथमिकताओं पर काम न होने से छलका व‍िधायकों का दर्द

शिमला [जेएनएन]: विधायक प्राथमिकता बैठक में पिछली योजनाओं पर काम शुरू न होने से न केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस विधायको का भी दर्द छलक उठा। विधायक ने बैठक में स्पष्ट कहा कि प्राथमिकताओं पर काम होना तो दूर अभी तक इनकी डीपीआर ही तैयार नहीं हो पाई है। विधायक ने विकास कार्यो पर अफसरशाही की कुंडली पर नाराजगी जताई।

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विधायकों ने कहा कि सड़क व पेयजल योजनाओं के काम वन स्वीकृति न मिलने से लटक गए है। कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि चार साल में केवल दो प्राथमिकताओं पर काम शुरू हो पाया है। वन अधिकारी योजनाओं के रास्ते में आने वाली मुश्किलों का समाधान नहीं निकाल रहे। कांग्रेस सरकार से ताल्लुक रखने वाले विधायकों ने भी दबे स्वर में डीपीआर नहीं बन पाने की परेशानी से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को अवगत करवाया। भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर व जयराम ठाकुर ने यहां तक कहा कि वन भूमि के झंझट का सरकार को रास्ता निकालना चाहिए। गुलाब सिंह का कहना था कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस के आगे वन विभाग के अधिकारी हाथ खड़े कर देते है। जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि वन भूमि के अलावा निजी भूमि का अधिग्रहण सरकार को करना चाहिए। तभी सभी समस्याओं का हल निकल सकता है।

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विधायक प्राथमिकता के पहले दिन सड़कें नहीं बन पाने के मामले छाए रहे। साथ ही विधायकों ने पेयजल योजनाओं के निर्माण का रास्ता नहीं निकलने की बात सामने रखी। भाजपा विधायक महेश्र्वर सिंह, डॉ. राजीव सहजल, सुरेश कश्यप व बलदेव तोमर ने डीपीआर नहीं बन पाने के लिए मुख्यमंत्री का ध्यान खींचा। नालागढ़ से भाजपा विधायक केएल ठाकुर ने स्कूलों, अस्पतालों में खाली पडे़ शिक्षकों व डाक्टरों के खाली पड़े पद भरने का आग्रह किया।

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प्रदेश के सभी बैरियरो पर टोल टैक्स अलग-अलग वसूला जाता है, जिसकी वजह से समय की बर्बादी होती है और लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ती है। टोल टैक्स की वसूली एक स्थान पर एकमुश्त करने का मुद्दा कांग्रेस विधायक राम कुमार ने रखा। धर्मपुर के भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर ने बंदरो और जंगली जानवरो से किसानो को मुआवजा देने का सुझाव दिया।

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शिमला से धर्मशाला नहीं जाएगा कोई भी कार्यालय : वीरभद्र

विधायक प्राथमिकता बैठक में धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाए जाने का मुद्दा भी उठा। भाजपा विधायक डॉ. राजीव बिंदल व सुरेश भारद्वाज ने पूछा कि दूसरी राजधानी में कौन-कौन से कार्यालय खोले जाएंगे। इस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धर्मशाला पहले से राजधानी है। वहां पर विधानसभा सत्र चलता है। इसके अलावा वहां पर कोई भी कार्यालय शिमला से धर्मशाला नहीं जाएगा।

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