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    बाइक-स्कूटी पर जा रहे बच्चों को भी पहनाना होगा हेलमेट, जानिए क्या है उम्र सीमा, पुलिस से बचने के लिए रखें आयु प्रमाण पत्र

    Updated: Sun, 04 Aug 2024 02:42 PM (IST)

    Himachal News बाइक के पीछे बैठने वालों को हेलमेट पहनना अनिवार्य है। वहीं अगर बच्चे बाइक पर बैठ कर जा रहे हैं तो अब उसे भी हेलमेट पहनाना होगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। साथ ही कहा कि पुलिस के उलझन से बचने के लिए साथ में आयु प्रमाण पत्र रखें। चार साल या उससे छोटा है तो सर्टिफिकेट साथ में रख लें।

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    बाइक-स्कूटी पर जा रहे बच्चों को भी पहनाना होगा हेलमेट।

    जागरण संवाददाता, शिमला। यदि आप बच्चे को स्कूटी या बाइक से कहीं ले जा रहे हैं तो स्वयं के साथ बच्चे को भी हेलमेट पहनाना होगा। दोपहिया वाहन पर बैठने पर चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

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    हालांकि, इस नियम का प्रविधान केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में पहले से है। अब प्रदेश सरकार ने भी इसे हिमाचल में लागू कर दिया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इस नियम का सख्ती से पालन किया जाएगा।

    साथ में रखें ये प्रमाण पत्र

    बाइक, स्कूटी व हेलमेट बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे आइएसआइ मार्क के हेलमेट ही बनाएं। बच्चा चार वर्ष का या इससे छोटा है तो ट्रैफिक पुलिस की उलझन से बचने के लिए लोग आयु प्रमाणपत्र साथ रखें। नगर निगम से जारी आयु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और अस्पताल का कार्ड साथ रख सकते हैं।

    यातायात सुरक्षा को लेकर बदलाव

    दोपहिया निर्माता कंपनियों को निर्देश दिया है कि दोपहिया बेचते समय दो हेलमेट देने की व्यवस्था करें। इनमें एक हेलमेट बच्चों के लिए होना चाहिए। केंद्र सरकार ने यातायात सुरक्षा को लेकर काफी बदलाव किए हैं। बच्चों के लिए सेफ्टी हारनेस भी अनिवार्य किया गया है। इसके तहत कार की पिछली सीट पर बैठे बच्चों के लिए भी चाइल्ड रिस्ट्रेन सिस्टम जरूरी किया जा रहा है।

    इनकी होगी जिम्मेदारी

    इसके तहत कार में एक बूस्टर या चाइल्ड सीट होती है, जिसमें बैठा कर बच्चों को बेल्ट लगा दिया जाता है। यही नहीं यदि बच्चे अभिभावक या किसी के साथ भी जा रहे हैं तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अभिभावक या वाहन चालक पर होगी।

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