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Apple Crop hit in HP: साढ़े चार हजार करोड़ की सेब की आर्थिकी पर सूखे की मार भारी, पढ़ें ये खास रिपोर्ट

हिमाचल में साढ़े चार हजार करोड़ की सेब (Horticulture hit In HP) की आर्थिकी को बुरी तरह प्रभावित किया है। अप्रैल माह और उसके बाद मई में भी सूखे की स्थिति और सामान्य से कम वर्षा के कारण इस पर और ज्यादा असर हुआ है। ऐसे में इस बार सेब का उत्पादन 2.40 करोड़ से कम होने का अनुमान है।

By Yadvinder Sharma Edited By: Prince Sharma Published: Tue, 11 Jun 2024 07:45 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 07:45 PM (IST)
हिमाचल की 5 हजार करोड़ रुपये की सेब आर्थिकी पर कैसा बड़ा संकट? पढ़ें-ये खास रिपोर्ट

यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। हिमाचल की साढ़े चार हजार करोड़ की सेब की आर्थिकी पर सूखे ने पानी फेर दिया है। ऐसा लगातार दूसरे वर्ष देखने में आया कि जब उत्पादन प्रभावित हुआ है। सेब में फूल आने और मटर के दाने के बराबर सेब लगने के दौरान लगाए गए आकलन के अनुसार 3.15 करोड़ सेब की पेटी का उत्पादन होने का अनुमान था।

अप्रैल माह और उसके बाद मई में भी सूखे की स्थिति और सामान्य से कम वर्षा के कारण इस पर और ज्यादा असर हुआ है। ऐसे में इस बार सेब का उत्पादन 2.40 करोड़ से कम होने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 में करीब 1.90 लाख पेटी का उत्पादन हुआ था। जबकि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 52 हजार टन सी ग्रेड सेब की खरीद की गई थी। प्रदेश में बीते वर्ष सेब सीजन से पर्व कम वर्षा और गर्मी पड़ने के बाद वर्षा का क्रम जारी रहने के कारण सेब की सेटिंग नहीं हो सकी।

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ऐसे में उत्पादन प्रभावित हुआ। इस बार हिमपात कम हुआ लेकिन अब लगातार सूखे का बसर सेब की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। सूखे के कारण सेब के फिल गिर रहे हैं यानी बहुत अधिक तादाद में ड्रापिंग हो रही है। इसके कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

जनवरी में कम वर्षा की फरवरी में भरपाई अप्रैल व मई में फिर सुखाई

हिमाचल प्रदेश में जनवरी माह में सामान्य से 86 प्रतिशत कम वर्षा हुई और हिमपात भी नहीं हुआ। इसका चिलिंग आवर पर असर हुआ। हालांकि फरवरी माह में हिमपात और वर्षा ने जनवरी माह के सूखे की कमी को कुछ कम किया।

इसका ये असर रहा कि सेब में फूल आए पर कई जगत पत्तियां बहुत अधिक आई और फल कम लगे। अप्रैल और मई माह मे सामान्य से कम वर्षा ने सूखे के जैसे हालात पैदा किए जिसका सभी फसलों पर असर हुआ।

किस साल में कितनी बर्फबारी सीजन के दौरान सेंटीमीटर में

               वर्ष              बर्फबारी सेंटीमीटर

  • 2018-19               128.8
  • 2019-20               198.7
  • 2020-21                67
  • 2021-22               161.7
  • 2022-23               162
  • 2023-24                30

प्रदेश में लगातार सेब के उत्पादन में गिरावट आ रही है। इसका मुख्य कारण वर्षा और बर्फबारी में कमी है। प्रदेश में 4500 करोड़ रुपये की हर वर्ष सेब का कारोबार होता है। प्रति पेटी बीस किलो के आधार पर

प्रदेश में कब-कब कितना सेब का उत्पादन

         वर्ष      पेटियां करोड़ में

  • 2010      4.46
  • 2011      1.38
  • 2012      2.06
  • 2013      3.69
  • 2012      3.12
  • 2015      3.88
  • 2016      2.34
  • 2017      2.75
  • 2018      1.84
  • 2019      3.57
  • 2020      2.41
  • 2021      3.05
  • 2022      3.40
  • 2023      1.82

प्रदेश में लगातार दो माह से सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। गर्मी बहुत पड़ रही है। इसके कारण सभी फसलों पर असर हुआ है।

-सुरेंद्र पाल, निदेशक मौसम विभाग हिमाचल प्रदेश

प्रदेश में सेब का उत्पादन इस बार भी कम होने का अनुमान है। हालांकि बीते वर्ष की अपेक्षा कुछ ज्यादा होगा। प्रतिकूल मौसम के कारण सेब की फसल पर असर हुआ है। दो माह से कम वर्षा और कम हिमपात के कारण सेब राज्य के सेब की आर्थिकी पर असर पड़ा है।

जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री हिमाचल प्रदेश

सेब की फसल बीते वर्ष से इस बार कुछ अधिक होने का अनुमान है। हालांकि सूखे और बहुत अधिक गर्मी पड़ने के कारण ड्रापिंग हो रही है।

सी पाल रासू, सचिव बागवानी विभाग हिमाचल प्रदेश

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