राज्य ब्यूरो, शिमला : विधानसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सदन में कहा कि विपक्षी भाजपा संजीदा नहीं है कि सत्र चलाया जाए। यही वजह है कि बेवजह वाकआउट करना, चर्चा में भाग नहीं लेना। ऐसे में सरकार विचार कर रही है कि विधायी कार्य पूरा होते ही सत्र की अवधि कम कर दी जाए। ऐसा लगता है कि भाजपा नहीं चाहती है कि विधानसभा में प्रदेश के लोगों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो। चार साल से भाजपा यही करती आई है।

मंगलवार को भाजपा द्वारा वाकआउट करने के बाद उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष चाहता है कि हर मुद्दे पर चर्चा हो। इसके लिए सभी मंत्री तैयारी करके आते हैं, लेकिन भाजपा सदन में बैठने की बजाय बाहर अधिक रहती है। बार-बार वाकआउट करने से लोकतंत्र नहीं चलता। उन्होंने संकेत दिए कि विधानसभा का मौजूदा सत्र बजट पारित होने के साथ समाप्त किया जा सकता है। उनका कहना था कि जैसे ही विधायी कार्य पूरा हो जाएगा, सरकार बजट सत्र को खत्म करना उचित समझेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से निर्दलीय विधायक बलबीर वर्मा ने कई कांग्रेस विधायकों के संपर्क में होने की बात कही है। वह विधायक फ्लैट खरीदने के लिए जरूर उनसे संपर्क में होंगे। उन्होंने ऐसी संभावना से साफतौर पर इन्कार किया।

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