यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुखिया पर ही आरोप तो भ्रष्टाचार को बढ़ावा तय

राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती का कहना है कि कांग्रेस सरकार के मुखिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। ऐसे राज्य में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण मिलने की संभावना प्रबल हो जाती हैं। कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री सिंघी राम से जुडे़ मामले को वापस लेना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय के कई पूर्व भ्रष्ट अधिकारियों पर चल रहे मामले भी वापस लिए हैं। इससे साबित हो जाता है कि कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के विपक्ष के आरोप पुख्ता हैं।
सत्ती ने प्रदेश सरकार को चेताया कि भ्रष्टाचार का खेल लंबे समय तक नहीं चलने वाला। कांग्रेस सरकार ने भी भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व यूपीए सरकार के नक्शेकदम पर चलना शुरू कर दिया है। भ्रष्ट कारनामों और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने में मौजूदा सरकार पिछले कार्यकाल के रिकॉर्ड तोड़ने की राह पर है। सरकार में फैले भ्रष्टाचार को दबाने के लिए राजनीतिक विरोधियों पर झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार के असली गुनाहगारों को बचाया जा रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व भाजपा काल के दौरान शिमला बस स्टैंड को 2021 तक बीओटी पर देने का फैसला लिया था, जिसे पलटकर बीओटी करार की अवधि 2024 तक बढ़ा दी। इस तरह से समयावधि बढ़ाना चिंता का विषय है। इससे भ्रष्टाचार होने का संदेह हो रहा है। इस प्रोजेक्ट में सरकार का छह करोड़ रुपये लगा है। बस स्टैंड मामले से जुडे़ सारे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सत्ती ने कहा कि कांग्रेस सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। इसका प्रमाण लोकसभा चुनाव के नतीजों से मिलता है। इतना ही नहीं सुजानपुर विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में भी कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी। पहली बार ऐसा हुआ है कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी बढ़त नहीं ले सकी।
