Himachal Pradesh Rain: प्रदेश में 10 और लोगों की मौत, चार लापता... हर तरफ दिख रहा तबाई का मंजर
Himachal Pradesh Rain लाहौल स्पीति के केलंग में जुलाई में 24 घंटे में सबसे अधिक वर्षा का 72 वर्ष पुराना रिकॉर्ड टूटा है। शिमला जिला के रोहड़ू में 57 और सिरमौर के पच्छाद में 50 वर्ष का रिकार्ड टूटा है। केलंग में 28 जुलाई 1951 को 78 मिलीमीटर वर्षा हुई थी जबकि नौ जुलाई 2023 को 83 मिलीमीटर वर्षा हुई।

राज्य ब्यूरो, शिमला: प्रदेश में तीन दिन से जारी वर्षा ने तबाही मचाई है। करोड़ों रुपये की संपत्ति के नुकसान के अलावा रविवार और सोमवार को 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लापता हैं। सोमवार को शिमला, सोलन, सिरमौर, चंबा और कुल्लू जिलों में 10 लोग आपदा का शिकार बने।
कुल्लू जिले में बादल फटने व वर्षा से भारी तबाही हुई है। मनाली में 15 से अधिक होटल व कई वाहन ब्यास नदी के रौद्र रूप की भेंट चढ़ गए हैं। ग्रीन टैक्स बैरियर से आगे मनाली चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर हाईवे का नामोनिशान मिट गया है।
हाईवे का बड़ा हिस्सा ब्यास नदी में बहने से सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी है। मंडी के भ्यूली में ब्यास नदी में छह घर समा गए। प्रतिकूल मौसम को देखते हुए श्रीखंड महादेव यात्रा को रद कर दिया गया है। प्रदेश में सोमवार को 28 मकान ध्वस्त हुए, जबकि 55 को नुकसान पहुंचा है। 92 पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस कारण 12 पशु मर गए। प्रदेशभर में 828 सड़कें बंद हैं। 4686 ट्रांसफार्मर खराब होने से सैकड़ों गांव में बिजली नहीं है।
- 48 घंटे के दौरान 20 लोगों की गई जान, जनजीवन अस्त व्यस्त
- ठियोग के पालवी में घर पर गिरा मलबा, अंदर सोए तीन मजदूरों की मौत
- डलहौजी में मार्ग बहाल करती जेसीबी खाई में गिरने से चालक की मौत
- मनाली में 15 से अधिक होटल व कई वाहन ब्यास नदी में बहे
- 828 सड़कें बंद, 28 मकान व 92 पशुशालाएं ध्वस्त
- 4686 ट्रांसफार्मर खराब होने से सैकड़ों गांव में बिजली नहीं
- मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकी
- मंडी के भ्यूली में ब्यास नदी में छह घर समाए
- प्रतिकूल मौसम को देखते हुए श्रीखंड मगहादेव यात्रा रद
ये राष्ट्रीय राजमार्ग हैं बंद
- कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग दत्यार के समीप बंद।
- पिंजौर-बददी राष्ट्रीय उच्च मार्ग के सभी पुल क्षतिग्रस्त, पुलिस ने यातायात किया बंद।
- ऊना-लठियानी-बड़सर-भोटा-हमीरपुर फिलहाल बंद है। मलबा हटाने में जुटी लोक निर्माण विभाग की टीम।
- ऊना-घालूवाल-होशियारपुर ब्रिज एप्रोच धंसने से 15 दिन के लिए बंद। होशियारपुर के वाहन घालूवाल से बाया सलोह मोड़ से ऊना आएंगे।
- मटौर-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग घंडल (शिमला) पुल भूस्खलन के कारण बंद। इसके लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं।
- पांवटा-शिलाई एनएच का सतौन के निकट 300 मीटर हिस्सा गिरी नदी में धंसने से बंद।
- शिमला-रिकांगपिओ राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगह भूस्खलन होने से बंद।
- मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग मंडी व कुल्लू जिले में कई स्थानों पर बंद है।
यहां यातायात बाधित
- कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग
- पिंजौर-बद्दी राष्ट्रीय राजमार्ग
- मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग
- ऊना-हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग
- ऊना-होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग
सोलन जिले के सुबाथू के साथ लगते नाले को पार करते एक व्यक्ति की पहाड़ी से मलबा गिरने से मौत हो गई। भूपेंद्र कुमार पुत्र हरिराम निवासी नाला पार कर रहा था। कसौली उपमंडल के तहत गडयार गांव में एक मकान ढहने से झारखंड निवासी मजदूर प्रकाश व नेपाल मूल के भीम सैन की मौत हो गई। शिमला जिला के ठियोग उपमंडल के पालवी गांव में सोमवार को भूस्खलन की जद में कच्चा मकान आ गया।
मकान के अंदर सो रहे तीन नेपाली मजदूरों की दबने से मौत हो गई। इनकी पहचान दीप बहादुर, देवदासी और मोहन बहादुर के रूप में हुई है। कुल्लू जिला के निरमंड में पहाड़ी से गिरा पत्थर लगने से व्यक्ति की मौत हो गई। रविवार रात सिरमौर जिला के पांवटा साहिब उपमंडल के धौलाकुआं में खड्ड में बहने से एक मजदूर की मौत हो गई। प्रकाश पुत्र ज्ञानचंद निवासी सीमापुर, जिला कटिहार, (बिहार) का रहने वाला था।
चंबा जिले के डलहौजी उपमंडल के डलहौजी-करेलनू-चंबा मार्ग पर सिया में सोमवार दोपहर मार्ग बहाल करती जेसीबी अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे चालक की मौत हो गई। 26 वर्षीय अजय कुमार पुत्र महिंद्र कुमार निवासी गांव भट्ठी, डाकघर सुदली, तहसील डलहौजी निजी जेसीबी चला रहा था।
वहीं, बिलासपुर जिला के मलेटा गांव का बुजुर्ग रामलाल शादी समारोह का सामान ले जाता हुआ खड्ड के तेज बहाव में बह गया। खड्ड में कुछ दूर शव बरामद हो गया है। इनके अलावा न्यू शिमला के रझाणा में मकान में दबी महिला का शव निकाल लिया है।
कुल्लू में चार लोग बहे, ट्रक व बसें बहीं
कुल्लू जिले में ब्यास नदी व नाले उफान पर हैं। सोमवार को चार लोग नदी में बह गए। इनमें एक कुल्लू के नंगाबाग का रहने वाला था। तीन लोग मनाली के पलचान से नदी में बहे हैं। इनकी अभी पहचान नहीं हो पाई है। कुल्लू और मनाली में चार ट्रक व दो लग्जरी बस भी नदी में समा गई हैं। हाईवे का बड़ा हिस्सा ब्यास नदी में बहने से सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी है। मंडी के भ्यूली में छह घर ब्यास नदी में बह गए। प्रतिकूल मौसम को देखते हुए श्रीखंड महादेव यात्रा रद कर दी गई है।
केलंग में 72 व रोहड़ू में 57 वर्ष का रिकॉर्ड टूटा
लाहौल स्पीति के केलंग में जुलाई में 24 घंटे में सबसे अधिक वर्षा का 72 वर्ष पुराना रिकॉर्ड टूटा है। शिमला जिला के रोहड़ू में 57 और सिरमौर के पच्छाद में 50 वर्ष का रिकार्ड टूटा है। केलंग में 28 जुलाई, 1951 को 78 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जबकि नौ जुलाई, 2023 को 83 मिलीमीटर वर्षा हुई। रोहड़ू में 25 जुलाई, 1966 को 170 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जबकि नौ जुलाई को 185 मिलीमीटर वर्षा हुई है। पच्छाद में 1973 में 189.2 मिलीमीटर की तुलना में 10 जुलाई को 220.3 मिलीमीटर वर्षा हुई। हमीरपुर में 1996 में सबसे अधिक 146 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी, वहीं अब नौ जुलाई को 160 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा ऊना में 228 मिलीमीटर हुई।
परवाणू में नाले का बदला रुख, सात वाहन बहे
नगर परिषद परवाणू के सेक्टर पांच में सोमवार को दिन के करीब 11 बजे सुखना नाले का पानी नगर परिषद कार्यालय वाली सड़क पर बहने लगा और सड़क नाले में तबदील हो गई। इस दौरान पार्क किए सात वाहन बह गए। दो वाहनों में लोग भी बैठे थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से बचाया गया। कई भवनों व उद्योगों में भी पानी घुसने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। परवाणू को जोड़ने वाला कालका रोड धंसने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
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