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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'बीजेपी ने उतारा ऐसा पैराशूट नेता, जिसे हिमाचल का...', विक्रमादित्य सिंह ने Kangana Ranaut को कठपुतली बताते हुए कसा तंज

Published: Fri, 26 Apr 2024 01:20 PM (IST)Updated: Fri, 26 Apr 2024 02:52 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह ने दावा करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं ...और पढ़ें

विक्रमादित्य सिंह ने Kangana Ranaut को कठपुतली बताते हुए कसा तंज (फाइल फोटो)।
विक्रमादित्य सिंह ने Kangana Ranaut को कठपुतली बताते हुए कसा तंज (फाइल फोटो)।

संवाद सहयोगी, सुंदरनगर। मंडी संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया है कि इस चुनाव में उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का अंदरखाते पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वह गैर सनातनी सोच को कभी हवा नहीं देते हैं। लेकिन विरोधियों द्वारा की जा रही गलत और भ्रामक बयानबाजी से आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और देव समाज आहत हुआ है।

वरिष्ठ नेता राम स्वरूप शर्मा की मौत का भी उठाया मुद्दा

सुंदरनगर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह लोकसभा चुनाव पूरी सकारात्मकता से हो रहे हैं। यह चुनाव मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। जीत का दावा करने वाले भाजपा नेता बताएं कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में मंडी संसदीय क्षेत्र को कौन सा बड़ा संस्थान दिया है। भाजपा दावे तो बड़े-बड़े करती है। लेकिन क्या आज तक मंडी संसदीय क्षेत्र के दो बार सांसद रहे वरिष्ठ नेता राम स्वरूप शर्मा की मृत्यु के कारणों का पता चल पाया है। उनकी मृत्यु कैसे हुई है, इस विषय पर सभी बड़े नेता आज तक मौन धारण किए हुए हैं। उनकी मृत्यु की न तो कभी जांच करवाई गई और न ही जांच के लिए कोई एसआईटी गठित की गई। ऐसे में आम जनता इनसे निष्पक्षता की आस कैसे लगा सकती है।

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कंगना रनौत को बताया पैराशूटी नेता

साल 2019 के लोकसभा चुनावों में कारगिल हीरो बिग्रेडियर खुशाल ठाकुर को टिकट देने वाली भाजपा ने इस बार उनका टिकट क्यों काट दिया। हमारे कारगिल हीरो को मात्र डेढ़ वर्ष में ही भूल गए। अब एक ऐसे पैराशूटी नेता को चुनाव में उतारा गया है, जिसे हिमाचल प्रदेश के इतिहास का पता तक नहीं है। दिल्ली से मिले निर्देशों के तहत ही भाषण बोलती हैं। हालांकि नेताओं को जमीनी स्तर पर लोगों से चर्चा करनी चाहिए। लेकिन वह एक कठपुतली की भांति काम कर रही है। किसी से मिलती तक नही हैं। यदि चुनाव जीत जाती है तो संसदीय क्षेत्र और यहां के लोगों का क्या हाल होगा। इसका अनुमान लगाया जा सकता है।

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