सुरेंद्र शर्मा, मंडी

जिले के औट थाना के तहत आते ज्वालापुर क्षेत्र के जंगल में एक नवजात मिला है। किसी मां ने जन्म देने के बाद इसे जंगल में फेंक दिया था। ग्रामीणों की नजर इस पर पड़ी तो उन्होंने भटबाड़ी पंचायत की प्रधान दिशा कुमारी को सूचित किया। पंचायत प्रधान की शिकायत पर उसे बचा लिया गया। पुलिस केस दर्ज कर इसे जन्म देने वाली मां की तलाश कर रही है।

11 सितंबर को ज्वालापुर क्षेत्र के जंगल के एक मंदिर में भगवती जागरण था। इसमें भटबाड़ी पंचायत के अलावा आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया था। इसी रात को किसी ने जंगल में बच्चे को जन्म दिया और उसे वहीं फेंक दिया। 12 सितंबर को सुबह जब स्थानीय लोग जंगल के रास्ते से कहीं जा रहे तो थे उन्होंने इसे देखा। जहां नवजात मिला है वहां आसपास की झाड़ियां काटकर जगह बनाई गई थी।

भटबाड़ी पंचायत प्रधान ने औट थाना में इसकी सूचना दी। पुलिस के सहयोग से वह नवजात को नगवाई अस्पताल ले गई। वहां पर चिकित्सक न होने पर नवजात को अस्पताल कुल्लू ले जाया गया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद नेरचौक स्थित मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। अब नवजात की हालत खतरे से बाहर है।

चाइल्ड लाइन मनाली ने इस केस को चाइल्ड लाइन मंडी के सुपुर्द कर दिया है। चाइल्ड लाइन व बाल संरक्षण इकाई के सदस्य मेडिकल कालेज में नवजात के अटेंडेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं। नवजात नेरचौक मेडिकल कालेज में उपचाराधीन है। चाइल्ड लाइन के अटेंडेट इसकी देखभाल कर रहे हैं। इसके बाद इसे शिशुगृह शिमला में आश्रय दिया जाएगा। दो माह तक स्वजन नवजात को लेकर दावा पेश नहीं करते हैं तो बाल कल्याण समिति इसे अडाप्टेशन के लिए फ्री करेगी।

-अच्छर सिंह, समन्वयक चाइल्ड लाइन मंडी। ज्वालापुर के जंगल में नवजात मिलने की घटना की पुलिस जांच कर रही है। भटबाड़ी पंचायत की प्रधान की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। नवजात नेरचौक मेडिकल कालेज में उपचाराधीन है। इस कृत्य को अंजाम देने वालों का पता लगा लिया जाएगा।

-राजेश कुमार, डीएसपी (मुख्यालय) मंडी।

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