Mandi Cloudburst: मंडी में बादल फटने से भारी तबाही, इंडस्ट्री और दुकानें क्षतिग्रस्त; सतर्कता से बची लोगों की जान
मंडी जिले के गोहर उपमंडल के नांदी में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई जिससे भारी तबाही हुई है। इस आपदा से क्षेत्र में लोगों को काफी नुकसान हुआ है। बादल फटने की इस घटना ने स्थानीय निवासियों को संकट में डाल दिया है। कई दुकानें और इंडस्ट्री तबाह हो गए हैं।

विशाल वर्मा, पंडोह। मंडी जिला के गोहर उपमंडल की ग्राम पंचायत नांडी में बीती रात बादल फटने जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे कटवांढ़ी नाले ने रौद्र रूप धारण कर लिया। नाले के उफान ने आसपास के क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। इसमें छह दुकानें, एक कार और कट स्टोन की एक इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।
30 लाख का नुकसान, इंडस्ट्री पूरी तरह बर्बाद
जानकारी के अनुसार, कटवांढ़ी नाले का जलस्तर अचानक बहुत बढ़ गया। इसका सीधा असर पास स्थित कट स्टोन की इंडस्ट्री पर पड़ा। नाले का तेज बहाव इतनी ताकतवर था कि इंडस्ट्री की पूरी संरचना ध्वस्त हो गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इंडस्ट्री मालिक को 25 से 30 लाख रुपये तक का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
दुकानों में घुसा पानी और मलबा
नाले के पानी और मलबे ने पास की छह दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में घुसा पानी और कीचड़ के कारण व्यापारियों का लाखों का सामान खराब हो गया। वहीं, पास खड़ी एक कार भी तेज बहाव में बह गई।
ग्राम पंचायत प्रधान ने दी जानकारी
ग्राम पंचायत नांडी के प्रधान फत्ता राम ने बताया कि रात करीब दस बजे पंचायत में जोरदार वर्षा हुई थी। इसके बाद नाले में अचानक उफान आ गया। उन्होंने कहा कि जिस तरफ से यह नाला आता है उस तरफ किसी पहाड़ी पर बादल फटने की संभावना है, क्योंकि नाले में इतना अधिक पानी इससे पहले कभी नहीं देखा गया।
लोगों की सतर्कता से बची जानें
प्रधान ने बताया कि स्थानीय लोग पहले ही वर्षा के चलते सतर्क थे और हालात पर नजर बनाए हुए थे। इसी कारण समय रहते सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस आपदा में किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
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