यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mandi: बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, 100+ मार्ग व 270 ट्रांसफार्मर प्रभावित; पत्थर गिरने से PWD के मजदूर की मौत
Mandi वर्षा से मंडी के विभिन्न उपमंडलों में भारी नुकसान हुआ है। पानी के तेज बहाव में कई सड़कें व ...और पढ़ें

मंडी, जागरण संवाददाता: प्री मानसून की वर्षा से मंडी जिले के विभिन्न उपमंडलों में भारी नुकसान हुआ है। पानी के तेज बहाव में कई सड़कें व वाहन बह गए। डयोढ़ डंपिंग साइट के पास पहाड़ से अचानक पत्थर गिरने से लोक निर्माण विभाग के एक मजदूर की मौत हो गई। डुमणू राम हटौण का रहने वाला था। उसका दूसरा मजदूर साथी पत्थर की चपेट में आने से बाल बाल बच गया।
वर्षा से सबसे अधिक नुकसान बल्ह, धर्मपुर, पद्धर व जोगेंद्रनगर उपमंडल में हुआ है। 100 से अधिक मार्ग बाधित व 270 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। कई पेयजल योजनाओं की पाइपें बह गई हैं। मलबा गिरने से सात मील में कीरतपुर मनाली फाेरलेन पर कई घंटे तक एकतरफा यातायात रहा। इससे रात को वाहन चालकों को परेशानी हुई। जलभराव होने से सबसे अधिक नुकसान बल्ह घाटी में टमाटर की फसल को हुआ है।
नुकसान का आकलन करने का निर्देश
प्रशासन ने राजस्व विभाग को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। वर्षा से ब्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी में पानी की आवक 20000 क्यूसेक तक पहुंच गई है। पानी की आवक को देखते पंडोह बांध के एक गेट से करीब 11000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नदी किनारे न जाने का लोगों व पर्यटकों से आग्रह
वहीं गाद निकासी के लिए राज्य विद्युत परिषद के 126 मेगावाट क्षमता के लारजी बांध के सभी गेट रविवार सुबह छह बजे खोल दिए जाएंगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों व पर्यटकों से नदी किनारे न जाने का आग्रह किया है।
इनका कहना है
वर्षा से बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए जेसीबी लगाई गई है। राजस्व विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। -अरिंदम चौधरी, उपायुक्त मंडी
