जागरण संवाददाता, मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी ने शुक्रवार से स्टार्टअप प्रोग्राम के दूसरे बैच की शुरुआत की है। नए स्टार्टअप बैच को मिलाकर कैटलिस्ट ने अब तक 100 से अधिक स्टार्टअप की सहायता की है। 2016 में शुरू किया गया कैटलिस्ट प्रदेश का पहला टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्युबेटर है। यह इस प्रोग्राम के तहत स्टार्टअस को उनके आइडिया को लाभदायक व्यावसायिक बनाने में मदद करता है।

कार्यक्रम की अवधि तीन माह रहेगी। इसमें स्टार्टअप को डेढ़ लाख रुपये के फंड का सहयोग दिया जाएगा। साथ ही, कैटलिस्ट टीम स्टार्टअस का मार्गदर्शन भी करेगी। उनके इनोवेटिव आइडिया को विकसित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण व नेटवर्क की सुविधा देगी। स्टार्टअप प्रोग्राम का दूसरा बैच शुरू होने पर आइआइटी मंडी कैटलिस्ट के प्रभारी डॉ. पूरन सिंह ने कहा कि कोविड-19 अनिश्चित समय खास कर उद्यमियों के लिए बहुत कठिन है। इसलिए ऑनलाइन बैच शुरू करने का निर्णय लिया है। धीरे-धीरे स्टार्टअप को कैंपस में बुलाया जाएगा। स्टार्टअप एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम के इस बैच में कचरा प्रबंधन, एग्रोटेक, हेल्थटेक, बायोटेक, एडुटेक, पर्यटन एवं आतिथ्य, विनिर्माण, उद्यम प्रबंधन व क्लीनटेक आदि विभिन्न क्षेत्रों के 32 स्टार्टअप चुने हैं। इनमें 12 स्टार्टअप हिमालय क्षेत्र के हैं। कैटलिस्ट स्टार्टअप को विभिन्न स्त्रोतों से फंडिग का विकल्प देगा। कैटलिस्ट की वर्तमान में छह फंडिग योजनाएं हैं जो स्टार्टअप के हर एक चरण आइडिया का सत्यापन, प्रोटोटाइप व व्यावसायीकरण के लिए फंडिग प्रदान करते हैं। इन स्कीम के तहत 1.5 लाख से 50 लाख रुपये के बीच फंडिग की जाएगी। इसके लिए वित्तीय सहयोग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार, उद्योग विभाग (हिमाचल प्रदेश) व आइआइटी देती है।

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