जागरण संवाददाता, मंडी : अब कार्यालयों में आने वाले लोगों के शरीर का तापमान थर्मल स्कैनर से जांचने के लिए किसी की ड्यूटी लगाने की जरूरत नहीं। आइआइटी मंडी के शोधकर्ताओं ने ऑटोमेटिक थर्मल स्क्रीनिग सिस्टम (एटीएसएस) बनाया है। शरीर का तापमान अधिक होने पर इसके सामने खडे़ होते ही बजर यानी घंटी बजेगी। यह यंत्र कोरोना महामारी से बचाव में सहायक होगा। एटीएसएस को उपायुक्त कार्यालय मंडी के प्रवेश द्वार पर स्थापित किया गया है।

आइआइटी मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वरुण दत्त और डॉ. केवी उदय के मार्गदर्शन में शोधकर्ता प्रवीण कुमार, तुषार सैनी, प्रियंका, अंकुश पठानिया और शशांक भार्गव ने यह सेंसर बनाया है। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वरुण दत्त ने बताया कि यह यंत्र बेहद किफायती और असरदार है। इसमें इंफ्रारेड सेंसर और अल्ट्रा सोनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। मंगलवार को उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने इसका शुभारंभ किया।

अब आइआइटी मंडी की टीम उपायुक्त कार्यालय परिसर में लगाए गए इस उपकरण के नतीजों का अध्ययन करेगी। इससे पता चलेगा कि यह कितने प्रभावी तरीके से काम कर रहा है। इससे लोगों के शरीर के तापमान की जांच बिना संपर्क में आए की जा सकेगी। इससे संक्रमण के प्रसार का खतरा कम होगा।

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सामान्य तापमान पर जलेगी नीली बत्ती

आइआइटी मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वरुण दत्त ने बताया कि एटीएसएस के सामने 10 से 15 सेंटीमीटर की दूरी पर खड़ा होगा तो यह उपकरण उसके शरीर के तापमान को जांच लेगा। तापमान सामान्य होने पर नीली बत्ती जलेगी, लेकिन शरीर का तापमान 100 डिग्री फारनेहाइट होने पर उपकरण में लाल बत्ती जलने के साथ बजर बजेगा। इससे उस व्यक्ति को बुखार होने का पता चल जाएगा। ध्यान रहे, कोरोना संक्रमण का एक मुख्य लक्षण शरीर का तापमान बढ़ना है।

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