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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

VIDEO: हिमाचल के मंडी में बादल फटने से फिर आई बाढ़, सैलाब में बह गए चार पुल; मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम

Published: Sun, 06 Jul 2025 08:49 AM (IST)

Mandi Cloudburst मंडी जिले में भारी बारिश के कारण पद्धर उपमंडल के सिल्हबुधाणी में बादल फटने से उपजाऊ जमीनें बह ...और पढ़ें

हिमाचल के मंडी में फिर आई बाढ़ (फाइल फोटो)
हिमाचल के मंडी में फिर आई बाढ़ (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सिल्हबुधाणी पंचायत के नाले में आई बाढ़, जमीन बही
  2. जान-माल का नुकसान नहीं, टीम रवाना
  3. बारिश के कारण राहत व बचाव कार्य भी प्रभावित

जागरण संवाददाता, मंडी/पद्धर। Mandi Flood Update: रविवार को सुबह से ही मंडी जिला में तेज बारिश आरंभ हो गई। इससे जहां राहत व बचाव कार्य प्रभावित हुए हैं, वहीं पद्धर उपमंडल की चौहारघाटी की ग्राम पंचायत सिल्हबुधाणी में बादल फटने से ग्रामीणों की उपजाऊ जमीनें बह गई। हालांकि, अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। प्रशासनिक टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि यहां बहते एक नाले में बाढ आ गई, इसके आस पास स्थित जमीन इसकी चपेट में आई है। मौके पर भेजी टीम के पहुंचने के बाद ही आगामी स्थिति का पता चलेगा। दूसरी ओर सराज में बारिश के कारण लोग फिर सहमे हुए हैं। प्रशासन की और से जारी अलर्ट के बाद देर रात तक लोग जागते रहे, रात करीब 2 बजे हल्की बारिश आरंभ हुई।

55 लोग अभी भी लापता

सुबह ये तेज हो गई। प्रशासन शनिवार को ही सराज पहुंचा था, इससे राहत कार्य तेजी आने की उम्मीद थी, लेकिन आज हो रही बारिश में फिर से चिंताएं बढ़ा दी हैं। सड़क मार्ग को भी इस स्थिति में बहाल करने में दिक्कत आ रही है।

अब तक 55 लोग 30 जून की वर्षा के बाद से लापता हैं और 18 शव बरामद हो चुके हैं। उधर, एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह ने कहा कि बादल फटने की जानकारी मिलने के बाद टीम रवाना कर दी गई है। अभी तक किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। केवल लोगों की जमीन बही है।

तीन फुटब्रिज और एक पुल बहा

चौहार घाटी की ग्राम पंचायत सिल्हबुधाणी के कोरतंग गांव में शनिवार देर रात बादल फटने की घटना से भारी तबाही मच गई। घटना में एक बस योग्य पुल सहित तीन पैदल पुल (फुटब्रिज) पूरी तरह से बह गए हैं। गांववासियों की मलकीयत उपजाऊ भूमि, खड़ी फसलें और बगीचे भी मलबे व पानी में समा गए हैं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

पंचायत प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर और बीडीसी सदस्य कमला ठाकुर ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय अवसंरचना को गहरी क्षति पहुंची है। एसडीएम सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रशासनिक दल मौके के लिए रवाना हो चुका है और नुकसान के आकलन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।