विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CM सुक्खू ने मंडी को साधने का प्लान किया तैयार, जिले में होगा तीसरा बड़ा समारोह; 2017 में यहां नहीं खुला था कांग्रेस का खाता

By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 13 Nov 2025 11:15 AM (IST)

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार मंडी जिले पर ध्यान दे रही है, जहाँ 2022 में कांग्रेस को कम सीटें मिली ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. सुक्खू सरकार का मंडी पर ध्यान केंद्रित

  2. 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति

  3. मंडी में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन

हंसराज सैनी, मंडी। ऐसा प्रतीत होता है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने मंडी जिले को साधने की तैयारी कर ली है। यह वही जिला है जहां से 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 10 में से एक ही सीट आई थी। 

मंडी की हैसियत केवल यही नहीं कि सर्वाधिक 15 विधानसभा क्षेत्रों वाले कांगड़ा के बाद इसके सर्वाधिक 10 विधानसभा क्षेत्र हैं, अपितु यह भी कि पंडित सुखराम, वीरभद्र सिंह और ठाकुर कौल सिंह जैसे कांग्रेस नेताओं की कर्मस्थली रहा यह क्षेत्र जयराम ठाकुर के कारण भाजपा के प्रभाव में दिखता आया है। 

दो कार्यक्रम किए मंडी, अब तीसरे की तैयारी

सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी के पड्डल मैदान से आपदा राहत वितरण के माध्यम से जनता से सीधा संवाद किया था। 15 अगस्त को सरकाघाट में आयोजित राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में जनता से रूबरू हुए थे। अब सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर राज्यस्तरीय समारोह 11 दिसंबर को मंडी जिले में आयोजित किया जाएगा। 

यहां हो सकता है समारोह

मंडी के किस क्षेत्र में कार्यक्रम होगा, यह तीन सदस्यों की समिति सुझाएगी। कांग्रेस के सूत्र अनुमान लगा रहे हैं कि कार्यक्रम मंडी के पड्डल मैदान या फिर सुंदरनगर के जवाहर पार्क में हो सकता है। 

2017 के चुनाव में नहीं खुला था कांग्रेस का खाता

जिले में कांग्रेस मात्र धर्मपुर की सीट पर सिमटी हुई है। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस यहां खाता तक नहीं खोल पाई थी। किसी समय यह जिला कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। वर्तमान में यहां अब कांग्रेस की जो स्थिति है, कुछ वर्ष पहले तक भाजपा की हुआ करती थी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में यहां भाजपा संगठन की जड़ें गहरी व मजबूत हुई हैं। 

2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में मंडी जिले में फिर मुख्यमंत्री का नारा होगा। इस पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेतृत्व अब मंडी में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में कांग्रेस का व्यवस्था परिवर्तन, पहली बार पर्यवेक्षक चुनेंगे जिला अध्यक्ष; क्या है संगठन सृजन कार्यक्रम?

मंडी को अपने पक्ष में मोड़ने की तैयारी

मंडी पर ध्यान और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के विरुद्ध बयान... ये संकेत दे रहे हैं कि पार्टी मंडी को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने पक्ष में मोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। पंचायत व शहरी निकायों के चुनाव से ठीक पहले मंडी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में अब देखना होगा कि कांग्रेस की यह राजनीतिक रणनीति मंडी में कितना असर दिखाती है क्योंकि हिमाचल की राजनीति में मंडी को साधना, सत्ता की राह को आसान बनाने जैसा माना जाता है।