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हाथ में भीख का कटोरा नहीं किताब व पेंसिल पकड़ेंगे बच्चे

सुरेंद्र शर्मा मंडी मंडी जिला में झुग्गी झोंपड़ियों में रहने वाले बच्चे अब हाथ में भीख का क

By JagranEdited By: Published: Sat, 09 Apr 2022 05:01 PM (IST)Updated: Sat, 09 Apr 2022 05:01 PM (IST)
हाथ में भीख का कटोरा नहीं किताब व पेंसिल पकड़ेंगे बच्चे

सुरेंद्र शर्मा, मंडी

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मंडी जिला में झुग्गी झोंपड़ियों में रहने वाले बच्चे अब हाथ में भीख का कटोरा नहीं किताब व पेंसिल पकड़ेंगे। चाइल्डलाइन मंडी की टीम जिला के डडौर, मंडी व सुंदरनगर कस्बे में स्थित झुग्गी झोंपड़ियों में रहने वाले दूसरे राज्यों के बच्चों का आंकड़ा जुटा लिया है, जिन्होंने अभी स्कूल का मुंह नहीं देखा है। तीनों स्थानों पर 25 बच्चों को नजदीकी स्कूलों में प्रवेश देकर उनका भविष्य संवारा जाएगा।

दो साल कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद रहने से दूसरे राज्यों के लोगों के बच्चों का स्कूलों में दाखिला नहीं हो पाया। इस कारण भीख मांगने वाले बच्चों की तादात बढ़ गई है। ये बच्चे स्कूल जाने के बजाए सड़कों में भीख मांग रहे हैं। मंडी शहर के अलावा बल्हघाटी के नेरढांगू, डडौर समेत सुंदरनगर में इन बच्चों को भीख मांगते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि जिला प्रशासन ने श्रम विभाग व बच्चों के कल्याण के लिए कार्य करने वाले विभागों व संस्थाओं को समय-समय पर शहर व कस्बों में निरीक्षण करने के निर्देश दिए है लेकिन अभी तक इस दिशा में विभाग व संस्थाएं गंभीर नजर नहीं आ रही हैं। महज सालाना रिपोर्ट तैयार कर विभाग व संस्थाएं अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही हैं। अभिभावक जागरुकता के अभाव में अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाए भीख मांगने के धंधे में धकेल रहे हैं।

चाइल्डलाइन मंडी ने बल्हघाटी के डडौर में सुकेती खड्ड किनारे झुग्गी-झोंपड़ी में दबिश देकर दूसरे राज्यों के बच्चों के भविष्य के बारे में जागरूक किया। इस दौरान 16 बच्चे ऐसे पाए गए है, जो पहली बार स्कूल की चौखट को पार करेंगे। मंडी शहर व सुंदरनगर में भी पांच-पांच बच्चों का स्कूलों में दो साल के बाद दाखिला करवाया जाएगा। चाइल्डलाइन की टीम ने बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करने के साथ साथ स्कूलों में प्रवेश करवाने की औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं।

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चाइल्डलाइन की टीम ने झुग्गी झोंपड़ियों में दबिश देकर दूसरे राज्य के लोगों को जागरूक किया है। 25 बच्चों को स्कूलों में पहली बार प्रवेश दिलवाने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। कुछ ऐसे भी बच्चे है, जिन्होंने कोरोना महामारी के कारण स्कूलों से किनारा कर लिया है। उनकी भी स्कूलों में दोबारा दाखिल करवाया जा रहा।

अच्छर सिंह, समन्वयक, चाइल्डलाइन मंडी।


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