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    गाड़ी का मॉडिफिकेशन करवाना पड़ा महंगा, पुलिस ने काटा एक लाख का चालान; जानिए क्या कहता है नियम

    Updated: Sat, 04 Jan 2025 11:02 AM (IST)

    मंडी जिले में एक वाहन मालिक को अपनी गाड़ी में अवैध मॉडिफिकेशन करने पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। यह चालान सुंदरनगर उपमंडल के भौर कीरतपुर नागचला फोरलेन पर पांच दिसंबर को किया गया है। पुलिस ने वाहन को बिना पंजीकरण प्रमाण पत्र और वायु प्रदूषण मानकों के उल्लंघन के साथ पाया। चालान देखते ही मालिक के होश उड़ गए।

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    गाड़ी का मॉडिफिकेशन करवाने पर हिमाचल पुलिस ने काट दिया एक लाख का चालान।

    जागरण संवाददाता, मंडी। गाड़ियों में मॉडिफिकेशन कराने का शौक आजकल युवाओं के बीच काफी बढ़ गया है। लेकिन यही शौक तब भारी पड़ सकता है, जब यह कानून के दायरे से बाहर हो। मंडी जिले में हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें एक वाहन मालिक का गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन करने पर एक लाख रुपये का चालान किया गया है। यह चालान सुंदरनगर उपमंडल के भौर कीरतपुर नागचला फोरलेन पर पांच दिसंबर को किया गया है।

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    पुलिस ने वाहन को बिना पंजीकरण प्रमाण पत्र और वायु प्रदूषण मानकों के उल्लंघन के साथ पाया। लेकिन सबसे बड़ा आरोप वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन का था, जिसके कारण वाहन मालिक को एक लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र न होने पर 500 रुपये और वायु प्रदूषण के उल्लंघन पर 5000 रुपये जुर्माना लगाया है।

    जिले में पहली बार किसी गाड़ी का इतना बड़ा चालान

    तीनों अपराध को मिला चालान की जुर्माना राशि 1,05,500 रुपये बनती है। जिले में पहली बार किसी वाहन का इतना बड़ा चालान किया गया है। चालान के दस्तावेजों में यह भी उल्लेख किया गया कि वाहन चालक ने मौके पर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस ने गाड़ी के सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। वाहन मालिक को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और जुर्माना भरने का निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा ने इसकी पुष्टि की है।

    क्या है गाड़ियों में मॉडिफिकेशन के नियम?

    भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के तहत गाड़ियों में किसी भी प्रकार का मॉडिफिकेशन या बदलाव तब तक अवैध माना जाता है, जब तक उसे क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण से मंजूरी नहीं मिलती है।

    इंजन में बदलाव

    गाड़ी के इंजन की क्षमता (सीसी) बढ़ाने या बदलने पर आरटीओ की अनुमति आवश्यक है। बिना अनुमति के यह गैर-कानूनी माना जाता है।

    रंग में बदलाव

    गाड़ी के मूल रंग को बदलने से पहले आरटीओ से अनुमोदन लेना जरूरी है।

    साइलेंसर मॉडिफिकेशन

    तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाना प्रतिबंधित है। यह ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करता है।

    वाहन की ऊंचाई और चौड़ाई

    गाड़ी की ऊंचाई और चौड़ाई में बदलाव सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है।

    लाइटिंग और हॉर्न

    गाड़ी में हाई-इंटेंसिटी एलईडी लाइट्स या तेज आवाज वाले हॉर्न लगाना अवैध है।

    टायर और बंपर

    गाड़ी में बड़े टायर, बंपर गार्ड, या अन्य उपकरण लगाना दुर्घटना के जोखिम को बढ़ा सकते हैं और यह भी अवैध है।

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