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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2011 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साहित्यकारों का आजादी में विशेष योगदान

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Published: Tue, 15 Nov 2011 07:31 PM (IST)

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वरिष्ठ संवाददाता, मंडी : हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के सहयोग से नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया की ओर से दो दिवसीय साहित्य समारोह मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय सभागार मंडी में शुरू हुआ। प्रख्यात कवि शमशेर बहादुर सिंह व अज्ञेय की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह का शुभारंभ शिक्षा मंत्री ईश्वर दास धीमान ने किया।

उन्होंने कहा कि हिंदी के साहित्यकारों ने देश की आजादी में विशेष योगदान दिया है। इनमें अज्ञेय व शमशेर भी शामिल हैं। साहित्यकारो ने समाज में फैली कुरीतियों पर कहानिया लिखकर देश में जागरूकता फैलाई है तथा कुप्रथाओं को दूर करने में साहित्यकारों, कवियों, लेखकों व मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश का साहित्य भी दूसरे राज्यों की अपेक्षा उच्च स्तर का है। उन्होंने नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित अज्ञेय की कविता, निबंध व कहानी के तीन संग्रहों का विमोचन किया। उन्होंने शमशेर बहादुर सिंह के कविता संकलन का भी विमोचन किया। इससे पूर्व नेशनल बुक ट्रस्ट की संपादक उमा बंसल ने कहा कि बुक ट्रस्ट के इस तरह के आयोजन साहित्य व पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देते हैं और पाठकों को प्रोत्साहित करते हैं। हिमाचल अकादमी के सचिव डॉ. तुलसी रमण ने कहा कि शमशेर व अज्ञेय हिंदी के दो प्रख्यात साहित्यकार हैं। इनके लेखन पर पत्र वाचन और चर्चा से जो बहस आरंभ होगी व नई पीढि़यों के लेखकों व पाठकों के लिए प्रेरक साबित होगी। देशभर में शताब्दी साहित्यकारों पर पत्रिकाओं के विशेषाक प्रकाशित हो रहे हैं। इसी तरह विपाशा पत्रिका का विशेषाक भी प्रकाशित किया जा रहा है। इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित विज्ञान संबंधी पुस्तकें पाठकों के लिए जारी की गईं। पहले सत्र में डॉ. विजय विशाल ने अज्ञेय के साहित्य पर पत्र पढ़ा। इस पर चर्चा में डॉ. रेखा, मुरारी शर्मा, कृष्ण चंद्र महादेलिया ने भाग लिया। डॉ. चंद्ररेखा ढडवाल ने बहस में भाग लेते हुए शमशेर की गजल सस्वर सुनाई। सुंदर लोहिया ने कहा कि लोकतंत्र में खुली बहस होनी चाहिए और अज्ञेय के लेखन व विचार का वैश्वीकरण के संदर्भ में भी मूल्याकन होना चाहिए।

दूसरे सत्र में कवि सत्यपाल सहगल ने शमशेर की कविता पर विश्लेषणपरक पत्र पढ़ा। उन्होंने कहा कि शमशेर हिंदी के सबसे प्रभावशाली कवियों में एक हैं। इस सत्र की अध्यक्षता कवि दीनू कश्यप ने की। उन्होंने शमशेर की कविता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष अजय राणा, एसडीएम विनय कुमार सहित प्रदेशभर के साहित्यकार उपस्थित थे।

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