Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    लक्ष्य निर्धारित कर जीवन को बनाएं सुंदर

    By Edited By:
    Updated: Thu, 13 Oct 2016 09:46 PM (IST)

    संस्कारशाला अधिकांश लोगों के पास उनका निर्धारित लक्ष्य या प्लान नहीं होता, जबकि यह काफी आवश्यक है।

    संस्कारशाला

    अधिकांश लोगों के पास उनका निर्धारित लक्ष्य या प्लान नहीं होता, जबकि यह काफी आवश्यक है। हम जीवन में जो पाना चाहते हैं, उसे पाने के लिए पूर्व निश्चित कर लें कि हम किस दिशा में जाना चाहते हैं। जो ऐसा नहीं करते वे निरुद्देश्य, लक्ष्यहीन होकर जीवन की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। उन्हें चाहिए कि जिस प्रकार एक पायलट एक निश्चित योजना के तहत अपने विमान को एक दिशा देता है, वे भी उसी तरह अपनी जिंदगी को एक निश्चित योजना के तहत दिशा दें।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    एक स्पष्ट रूप से परिभाषित ध्येय के अभाव में समय बर्बाद करने के बदले जीवन में सुस्पष्ट उद्देश्य रखें तथा लक्ष्य निर्धारण के बाद ध्येय की तरफ कदम बढ़ाते हुए यह भी ध्यान रखें कि आपका हर कदम एक छोटा लक्ष्य है। ऐसा मानते हुए आगे बढ़ना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि यही छोटे लक्ष्य उपलब्धि के इंधन बनते हैं।

    अपने साधनों के अनुसार तर्कपूर्ण तरीके से कोई लक्ष्य या अपेक्षा निर्धारित की जाए तो सफलता निश्चित है। यदि ऐसा नहीं है तो वह केवल कल्पना ही रह जाती है। लक्ष्य व अपेक्षा निर्धारण में दो मुख्य पहलू हैं। पहला अपने अभिभावकों की आर्थिक स्थिति व दूसरा अपने परिश्रम पर विश्वास। परिश्रमी युवा के आगे आर्थिक स्थिति का कोई महत्व नहीं है। आज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी दो तरह से प्रवेश लिया जा सकता है, जिन अभिभावकों की आर्थिक स्थिति ठीक है, वह अपने बच्चों को डोनेशन के दम पर स्कूल-कॉलेज में प्रवेश दिला देते हैं। इसके उलट परिश्रमी युवा अपनी योग्यता के बल पर ऐसे किसी भी कोर्स में आसानी से प्रवेश पा सकता है और अंतत: अपने लक्ष्य को हासिल करता है।

    लक्ष्य किसी पूर्ण हो चुकी गतिविधि को दर्शाता है, जिसे रूपातरण कहते हैं और यह गतिविधि आपके व्यवसाय की सफलता के लिए आवश्यक होती है। लक्ष्यों के उदाहरण में खरीदारी करना, किसी खेल का स्तर पूरा करना या एक संपर्क जानकारी फार्म सबमिट करना (किसी मार्केटिंग या लीड जेनरेशन साइट के लिए) शामिल है। लक्ष्य निर्धारित करना किसी भी डिजिटल विश्लेषण मापन प्लान का बुनियादी घटक है। अच्छी तरह कांफिगर किए गए लक्ष्य होने पर एनालिटिक्स आपको महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर सकता है, जैसे आपकी साइट या एप्लीकेशन पर होने वाले रूपातरणों की संख्या और रूपातरण दर। इस जानकारी के बिना, आपके ऑनलाइन व्यवसाय और मार्केटिंग अभियानों की प्रभावशीलता का मूल्याकन करना लगभग असंभव है।

    लक्ष्य दृश्य स्तर पर कांफिगर किए जाते हैं। लक्ष्य आपके उपयोगकर्ताओं द्वारा देखे जाने वाले विशिष्ट पृष्ठों या स्क्रीन पर लागू किए जा सकते हैं। इसके अलावा उन्हें इस आधार पर भी लागू किया जा सकता है कि उपयोगकर्ता किसी सत्र में कितने पृष्ठ-स्क्रीन देखते हैं, वे आपकी साइट या एप्लीकेशन पर कितनी देर बने रहते हैं और वहा रहते हुए वे कौन-से इवेंट ट्रिगर करते हैं। हर लक्ष्य का आर्थिक मूल्य हो सकता है, जिससे आप देख सकते हैं कि उस रूपातरण का आपके व्यवसाय के लिए क्या महत्व है। जब आपकी साइट का कोई विजिटर या आपके एप्लीकेशन का कोई उपयोगकर्ता किसी ऐसी कार्रवाई को अंजाम देता है, जिसे लक्ष्य कहा जाता है तो एनालिटिक्स उसे एक रूपातरण के रूप में रिकॉर्ड करता है। फिर वह रूपातरण डेटा कई प्रकार की विशिष्ट-उद्देश्य वाली रिपोर्ट में उपलब्ध करवाया जाता है, जिनका वर्णन नीचे किया गया है।

    कुल मिलाकर सार यही है कि यदि आपको अपने परिश्रम पर विश्वास है तो ईश्वर भी आपकी सहायता करता है। अपनी अपेक्षाओं का निर्धारण करते समय अपने लक्ष्य की उपयोगिता व आवश्यकता का भी ध्यान रखना चाहिए। हमें ऐसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, जिसकी माग हो और वह हमारे लिए साध्य भी हो। शिक्षा के क्षेत्र में आज गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय प्राथमिकता पर हैं, लेकिन इन विषयों के बारे में तभी विचार करें, जब ये आपकी क्षमता में हों अन्यथा धन व समय व्यय करके भी असफलता ही मिलती है।

    - मोहित चुग, प्रधानाचार्य डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर।

    --------------------------

    सपनों का जीवन में काफी महत्व

    हर किसी के सपने होते हैं। अब सपने चाहे छोटे हों या बड़े, इनका आपके जीवन में बड़ा महत्व होता है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति का संबंध हमारी खुशी और भलाई से होता है। यह आत्म-सम्मान में वृद्धि करने का एक तरीका है। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की कोशिश हमें बेहतर इंसान बनाती है। इसलिए इंतजार मत कीजिए फिर चाहे आपका लक्ष्य करोड़ों में पैसा कमाना हो, एक कलाकार बनना हो, या एक विश्वस्तरीय खिलाड़ी बनना हो। आज से ही अपने लक्ष्य प्राप्ति की कोशिशों में जुट जाइए।

    - शिव प्रताप सिंह, गणित विषय शिक्षक डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर।

    --------

    लक्ष्य का निर्धारण जरूरी

    सर्वप्रथम हमें अपने जीवन में लक्ष्य का निर्धारण करना है। एक लक्ष्य तय कर निशाना साध कर अर्जुन की तरह। स्वामी विवेकानंद ने कहा था, जीवन में एक ही लक्ष्य साधो और दिन-रात उस लक्ष्य के बारे में सोचो। स्वप्न में भी तुम्हें वही लक्ष्य दिखाई देना चाहिए और फिर जुट जाओ, उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, धुन सवार हो जानी चाहिए आपको। सफलता अवश्य आपके कदम चूमेगी, लेकिन एक बात का हमें ध्यान रखना है। हमारे लक्ष्य एवं कार्यो के पीछे शुभ उद्देश्य होना चाहिए।

    - दीपिका, इंग्लिश विषय शिक्षक डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर।

    ------------------------

    विश्वास के साथ करें लक्ष्य हासिल

    लक्ष्य के विषय में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको उन पर विश्वास होना चाहिए। आपका लक्ष्य वास्तविकता का एक अंश होना चाहिए न की दिन में सपने देखते हुए बनाया गया कोई खयाली पुलाव। सपने देखने तथा लक्ष्य की स्थापना करने में एक मुख्य अंतर है। आपका मन आप को केवल उन ही विचारों एवं लक्ष्यों पर विश्वास करने की अनुमति देगा, जिन्हें आप वास्तव में सत्य मानते हैं। आपकी अवधारणा एवं लक्ष्य पूरे संसार के दृष्टिकोण में चाहे जितना भी अवास्तविक क्यों न हो, यदि आप उस पर विश्वास करें तो वह अवश्य आपका लक्ष्य हो सकता है, जिसकी प्राप्ति के लिए भी आप यथोचित कार्य करने को तैयार हों, वह आपका लक्ष्य हो सकता है।

    - दीपक, आइटी शिक्षक डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर।

    .......................

    लक्ष्य को दें प्राथमिकता

    अपने लक्ष्यों को प्राथमिकता दें और उसके अनुसार कार्य करें। हर लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समय एवं प्रयास की आवश्यकता है। यदि आप लगातार धैर्यपूर्वक लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें तो आप कठिन से कठिन लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकते हैं। आप बुलंद एवं वैभवशाली सपने देख सकते हैं, विशेष रूप से यदि ऐसा करने से आप प्रेरित होते हों, परंतु यदि आप अपने लक्ष्यों को वास्तव में प्राप्त करना चाहते हों तो आपको उनके औचित्य के विषय में सोचना चाहिए। सबसे पहले आप अपने लक्ष्यों को निश्चित करें, फिर वे सपने आपके व्यक्तित्व को और आप के जीवन को निश्चित करेंगे।

    - शिवानी शर्मा, कक्षा जमा दो डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर।

    ----------------

    अपनी दिशा तय करना जरूरी

    यह आपकी क्षमता है जो कामों को ऐसी चीजों में तबदील करता है, जो आपको सफलता की ओर ले जाती है। जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं, उसका अंत हमारी सफलता की कुंजी के अनुकूल उपयोग का परिणाम होता है। जीतना जीत की चाहत की परिणति है। यह काफी आवश्यक है कि हम किसी भी स्थान पर पहुंच सके उससे पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि हम किस दिशा में जाना चाहते हैं। यह कड़वा मगर सच है कि ज्यादातर लोग बिना किसी उद्देश्य एवं लक्ष्य के दिन भर इधर-उधर भटकते रहते हैं।

    - नमन शर्मा, कक्षा जमा दो डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर।

    -------------

    छोटे लक्ष्यों से करें शुरुआत

    जब आप छोटे-छोटे लक्ष्य रखते हैं और उन्हें हासिल कर लेते हैं तो आपमें बड़े-बड़े लक्ष्यों को हासिल करने का आत्मविश्वास आएगा। साथ ही आप पूरे विश्वास के साथ प्रतिदिन आने वाली चुनौतियों का सामना कर पाएंगे, जैसे साथियों की तरफ से आने वाले दबाव का सामना। इससे एक और फायदा होगा कि दूसरे आपका आत्मविश्वास देखकर आपकी इज्जत करने लगेंगे। अकसर लोग उनके साथ दोस्ती करना पसंद करते हैं, जो अपने लिए लक्ष्य रखते हैं।

    - निहारिका, कक्षा जमा दो डीएवी पब्लिक स्कूल सुंदरनगर।