जागरण टीम, मंडी/बिलासपुर : मंडी व बिलासपुर जिला की सीमा पर सलापड़ पुल से करीब छह किलोमीटर दूर सतलुज नदी पर बने 800 मेगावाट क्षमता के कोल बांध पनविद्युत प्रोजेक्ट में इस वित्त वर्ष में बिजली उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित होगा। प्रोजेक्ट में सालाना 3054 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की क्षमता है। एनटीपीसी प्रबंधन ने छह माह में 2635.76 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर लिया है। सालाना उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने में मात्र 300 मिलियन यूनिट का फासला रह गया। इसे अक्टूबर में पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना प्रमुख संजीव किशोर ने इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है।

बकौल संजीव किशोर, इस दो तिमाही के दौरान डिजाइन क्षमता से ज्यादा बिजली उत्पादन हुआ है। 18 जुलाई 2015 को कोलडैम पनविद्युत प्रोजेक्ट वाणिज्यिक घोषित हुआ था। इसके बाद प्रोजेक्ट में पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन हो रहा है। प्रोजेक्ट से विद्युत उत्पादन का 12 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश को निशुल्क आपूर्ति की जा रही है। एक प्रतिशत बिजली स्थानीय क्षेत्र विकास निधि व परियोजना प्रभावित परिवारों को पहले दस साल के लिए 100 यूनिट बिजली यानी 0.62 प्रतिशत बिजली मुफ्त में प्रदान की जा रही है। शेष बिजली की आपूर्ति दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उश्रर प्रदेश, हिमाचल जम्मू व कश्मीर तथा चंडीगढ को सप्लाई की जा रही है।

कोल डैम से सुन्नी तक 13.2 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 42 किलोमीटर तक फैले जलाशय की कुल भंडारण क्षमता 90 एमसीएम(90 मिलियन क्यूबिक मीटर) है।