मनाली [जेएनएन]: करीब नौ किलोमीटर लंबी देश की महत्वाकांक्षी रोहतांग टनल का कार्य एक किलोमीटर शेष रह गया है। इस वर्ष के अंत में टनल के दोनों छोर जोड़ दिए जाएंगे। साउथ पोर्टल में टनल का कार्य निरंतर जारी है जबकि नोर्थ में दिसंबर से काम बंद पड़ा है। रोहतांग दर्रा बहाल होते ही मई में लाहुल की ओर भी काम शुरू हो जाएगा। टनल में आपातकाल सेवा के लिए ईग्रेस एलिमेंट लगाए जा रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। भारत की अति आधुनिक टनलों में से एक यह टनल होगी तथा इसमें जहां डबल लाइन सड़क का निमार्ण होगा। जगह-जगह पर सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें: यातायात के ल‍िए 20 अप्रैल तक बहाल होगा रोहतांग दर्रा

आपातकालीन संपर्क सुविधा के साथ-साथ संकटद्वारों का भी निर्माण किया जाएगा। साउथ पोर्टल में जहां ग्लेशियरों को रोकने के लिए अवलांच विरोधी टनलों का निमार्ण कार्य जारी है वहीं नोर्थ पोर्टल में भी पांच स्ट्रक्चर का निमार्ण किया जा रहा है। इसके तैयार होने पर मनाली ओर केलंग के बीच किलोमीटर की दूर भी घटेगी तथा लाहुल घाटी सालभर मनाली से जुड़ी रहेगी। बीआरओ रोहतांग सुरंग के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर डीएन भट्ट ने बताया कि रोहतांग टनल की खोदाई का कार्य एक किलोमीटर शेष रह गया है। इस साल के अंत तक इसके दोनों छोर जोड़ दिए जाएंगे। रोहतांग दर्रे के बहाल होते ही लाहुल की ओर भी टनल का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। देश की महत्वपूर्ण अत्याधुनिक रोहतांग टनल के निमार्ण में स्ट्राबेग-एफकान के साथ स्नो माउंटेन इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (स्मैक) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्ट्राबेग-एफकान के जवाइंट मैनेजर सुनील त्यागी ने बताया कि सर्दी में भी काम को निरंतर गति देने का प्रयास किया गया है। प्रोजेक्ट मैनेजर माइकल केस्टनर ने बताया कि स्मैक कंपनी सिविल, इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल के कर प्रकार के कार्य करने में सक्षम है।

यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर: घंटाभर बिजली गुल तो बंद हो जाएगी चनैनी- नाशरी टनल

Posted By: Munish Dixit