18 हजार फीट की ऊंचाई पर खाई में गिरी गाड़ी, HRTC चालक-परिचालक बने दो घायलों के लिए फरिश्ता, जोखिम उठाकर बचाई जान
Leh Road Accident मनाली-लेह मार्ग पर तंगलंगला के पास एक वाहन दुर्घटना में घायल हुए दो लोगों को एचआरटीसी के चालक कमलेश कुमार और परिचालक पंकज रावत ने बचाया। उन्होंने स्लीपिंग बैग का स्ट्रेचर बनाकर घायलों को खाई से निकाला और बस से 50 किलोमीटर दूर सेना के अस्पताल पांग पहुंचाया। केलंग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक और विधायक अनुराधा राणा ने उनके साहस की सराहना की।

जागरण संवाददाता, मनाली। Leh Road Accident, मनाली-लेह मार्ग पर 18,000 फीट ऊंचे तंगलंगला के पास गाड़ी गिरने से खाई में फंसे दो लोगों के लिए एचआरटीसी के चालक-परिचालक फरिश्ता बनकर आए। उन्होंने स्लीपिंग बैग का स्ट्रेचर बनाकर दोनों को खाई से निकाला और बस से 50 किलोमीटर दूर सेना के अस्पताल पांग पहुंचाया।
बस चालक कमलेश कुमार और परिचालक पंकज रावत ने बताया कि सात जुलाई सुबह आठ बजे तंगलंगला के निकट सड़क से करीब 200 मीटर नीचे गिरी एक पिकअप दिखी। इसमें फंसे चालक व क्लीनर गंभीर रूप से घायल थे।
नहीं जुटा रहा था कोई खाई में उतरने की हिम्मत
वहां मौजूद अन्य लोग भी आत्यधिक ऊंचाई और आक्सीजन की कमी के कारण खाई में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। दोनों ने जान जोखिम में डालते हुए स्लीपिंग बैग को स्ट्रेचर जैसा ढांचा बनाकर घायलों को सुरक्षित ऊपर लेकर आए।
बस अंतिम सीट पर लेटाकर पहुंचाए अस्पताल
प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें तुरंत बस की अंतिम सीट पर लेटाया और लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित आर्मी अस्पताल पांग पहुंचाया। पांग में सेना के चिकित्सकों ने बताया कि दोनों घायलों की टांगों में गंभीर फ्रेक्चर है। सेना की मदद से उन्हें हेलीकाप्टर द्वारा लेह भेजा गया।
चालक-परिचालक के साहसिक कार्य की सराहना
केलंग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक आयुष उपाध्याय ने इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह एचआरटीसी की विशेष प्रशिक्षण प्रणाली का परिणाम है, जिसमें ऐसी आपात परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण शामिल होता है। विधायक अनुराधा राणा ने भी चालक परिचालक को मानवता व साहस का कार्य करने पर बधाई दी है।
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