चित्र सहित

जागरण संवाददाता, केलंग : मंडी संसदीय क्षेत्र उपचुनाव के मतदान के लिए शुक्रवार को हेलीकाप्टर के माध्यम से 40 ईवीएम स्पीति के लिए रवाना कर दी गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त नीरज कुमार ने बताया कि 40 ईवीएम के अलावा 40 वीवीपैट मशीनें भी जिला मुख्यालय से रवाना कर दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि स्पीति क्षेत्र में 29 मतदान केंद्र हैं। मतदान को सुचारू तौर पर संपन्न करवाने के लिए 11 अतिरिक्त ईवीएम भी भेजी गई हैं। इन सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सहायक आयुक्त डा. रोहित शर्मा की निगरानी में भेजा गया है। जिले में 92 मतदान केंद्र हैं जहां मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उपायुक्त ने यह जानकारी निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा के लिए शिमला से आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिग बैठक में भाग लेने के बाद दी। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के प्रबंधों को पूरा कर लिया गया है। सभी पोलिग पार्टियों का 28 अक्टूबर के लिए मूवमेंट प्लान भी तैयार है। पोलिग पार्टियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसें भेजी जाएंगी। जाहलमा, रंगरिक और टशीगंग को माडल मतदान केंद्र के तौर पर स्थापित किया गया है। जिस्पा और क्यूलिग दो ऐसे मतदान केंद्र हैं जहां महिला कर्मी मतदान की प्रक्रिया को पूरा करवाएंगी। मतदान के दौरान यदि किसी ईवीएम में कोई तकनीकी खराबी आती है तो उसके लिए भी अतिरिक्त ईवीएम संबंधित सेक्टर अधिकारियों के पास रहेंगी।

उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान से 72 घंटे पूर्व की अवधि में चुनाव प्रचार नहीं होगा। इस अवधि के दौरान केवल डोर टू डोर प्रचार हो सकेगा लेकिन उसने भी पांच से ज्यादा ज्यादा व्यक्ति शामिल नहीं हो सकेंगे। मतदान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ईवीएम को मतगणना तक कड़ी सुरक्षा के साथ स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के मुताबिक 80 वर्ष से अधिक आयु और दिव्यांग मतदाताओं द्वारा मतदान करने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है ताकि वे भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। मतदान वाले दिन के लिए कोविड नियमों को सुनिश्चित करने के निर्देश भी सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। इस मौके पर तहसीलदार निर्वाचन महेंद्र सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे।

Edited By: Jagran