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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिमाचल के कुल्लू में बादल फटने से तबाही, बाढ़ में बह गए मकान; देखें VIDEO

Published: Wed, 25 Jun 2025 03:27 PM (IST)Updated: Wed, 25 Jun 2025 03:30 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बादल फटने से तेज बारिश हुई, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और शहर ...और पढ़ें

कुल्लू में बादल फटने से तबाही (जागरण फोटो)

कुल्लू में बादल फटने से तबाही (जागरण फोटो)

जागरण संवाददाता, कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बादल फटने से जुड़ी खबर सामने आ रही है। तेज बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे इलाके में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। इस घटना से कई जगहों पर तबाही मची है। इस बाबत कुछ वीडियो भी सामने आ रहे हैं, जिनमें नदियों में उफनती लहरों को साफ देखा जा सकता है। कुल्लू में मौजूदा हालात बेहद भयावह नजर आ रहे हैं।

वाहनों की आवाजाही रोकी गई

कुल्लू जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग औट-लुहरी-सैंज मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध हो गया है। बंजार में दो कार्यक्रम में शामिल होने आए दो मंत्री भी फंस गए हैं। जिसमें कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री, राजेश धर्माणी शामिल है। मंत्री राजेश धर्माणी ने विश्व धरोहर उत्सव-2025" में मुख्य अतिथि भाग लेना था, लेकिन वह कार्यक्रम में ही नहीं पहुंच पाए हैं।

उधर, बादल फटने और भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ आने से लोगों का भारी नुकसान हुआ है। सड़कें बाधित हो गई हैं और घरों में पानी घुस गया है। इसमें मणिकर्ण घाटी, सैंज और बंजार में बाढ़ आने से कई घरों में पानी घूस गया है। सैंज के जीवा नाले में आई बाढ़ से सिंयूड में एनएचपीसी के शेड बह गए हैं। जबकि बिहाली गांव को खतरा बना हुआ है।

शहर में मची अफरा-तफरी

इसके अलावा सैंज बाजार में एक कैंपर, स्कूटी बह गई है। सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। बाढ़ आने की सूचना मिलते ही लोगों में अफरा तफरी मच गई। इसके बाद लोगों ने अपने मकान खाली करने शुरू कर दिए हैं। सैंज घाटी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है, क्योंकि नाले का पानी कभी भी रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है।

प्रशासन ने राहत और बचाव दल को अलर्ट पर रखा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उधर, तीर्थन घाटी के हुरनगाड़ में बादल फटने से भारी नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसमें दो गाड़ियों के बहने व दो मकान के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।

बलाधी गांव को जोड़ने वाली पुलिया बही

मणिकर्ण घाटी के बलाधी में पार्वती नदी पर बनी अस्थायी पुलिया बाढ में बह गई है। पुलिया का एक हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। पुलिया के बहने से बलाधी गांव का संपर्क कट गया है। वर्ष 2024 में आपदा के बाद ग्रामीणों ने इसे स्वयं तैयार किया था। गांव की ओर आवाजाही करने के लिए एकमात्र विकल्प था अब ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।