विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आनी की रघुपुर घाटी में बादल फटने से भारी नुकसान

By JagranEdited By:
Published: Wed, 22 Sep 2021 11:06 PM (GMT+05:30)

संवाद सहयोगी आनी आनी उपमंडल के आउटर सराज की रघुपुर घाटी में बुधवार देर शाम भार

आनी की रघुपुर घाटी में बादल फटने से भारी नुकसान
आनी की रघुपुर घाटी में बादल फटने से भारी नुकसान

संवाद सहयोगी, आनी : आनी उपमंडल के आउटर सराज की रघुपुर घाटी में बुधवार देर शाम भारी बारिश से बादल फटने से फनौटी खड्ड में बाढ़ आ गई। इससे रोहाचला-जुहड़ सड़क के साथ खड्ड किनारे खेत भी बह गए हैं। बारिश से मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। सड़क के साथ गांव को जोड़ने वाले पैदल रास्तों का भी नामोंनिशान मिट गया है।

प्रत्यक्षदर्शी रमेश कुमार ने बताया कि रघुपुर क्षेत्र की सड़क रोहचड़ा से आगे ध्वस्त हो गई है। फनौटी से बिश्लाधार जाने वाली पेयजललाइन को भी क्षति हुई है। गांव के लोगों की जमीन भी बह गई है। रघुपुर से लगते फनौटी, जुहड, निचली फनौटी और बनाला और गढ़ के समीप वाले क्षेत्र में ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके अलावा चरांदी, जमाला, गही और जहाकडुपानी में खास तौर पर मटर की फसल को नुकसान हुआ है। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान भजन सिंह व वार्ड सदस्य सोहन लाल नेगी ने कहा कि बादल फटने से क्षेत्र में कोई जानी कोई नुकसान नहीं हुआ है। पहाड़ी दरकी, मलबे से सड़क व दो बीघा जमीन प्रभावित

सहयोगी, धर्मपुर : उपमंडल के गांव साहण में पहाड़ी के दरकने से पांच परिवारों दो बीघा जमीन व सड़क को नुकसान हुआ है। करीब 100 फीट पहाड़ी मंगलवार रात को दरक गई। कई दिन से हो रही बारिश के कारण पहाड़ी में दरार आई हुई थी। पहाड़ी दरकने से धमाके की आवाज होने के कारण ग्रामीणों ने रात जागकर ही काटी। पहाड़ी सुबह तक दरकती रही। पंचायत प्रधान दान सिंह, वार्ड सदस्य सुनील कुमार ने मौके पर जाकर देखा कि पहाड़ी दरकने के कारण गांव के पांच परिवारों की जमीन पहाड़ी के नीचे दबकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गांव के लिए सड़क का निर्माण कार्य अभी चल रहा था जिसमें निर्माणाधीन सड़क लगभग 100 मीटर पूरी तरह से मलबे के नीचे दब गई है।

ग्रामीणों जीत सिंह, भाग सिंह, जय सिंह, देशराज, सुरेश कुमार, बीरबल, हंसराज और सोहन सिंह ने कहा कि पहाड़ी रात भर धमाकों के साथ गिरती रही। इसके कारण लगभग दो बीघे के आसपास की जमीन नष्ट हो गई जिसमें लगभग 25-30 फुट मलबा आ गया है और पत्थर और मलबे के कारण जमीन क्षतिग्रस्त हो गई है। लोगों ने उपायुक्त मंडी से आग्रह किया है कि पीड़ित लोगों को उचित मुआवजा दिलवाया जाए।