कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा व नीरज भारती के बीच गहराया विवाद, संगठन बना दर्शक
कांग्रेस के पूर्व में मंत्री रहे सुधीर शर्मा व जवाली से कांग्रेस पूर्व सीपीएस रहे नीरज भारती के बीच विवाद गहरा गया है। दोनों के बीच द्वंद अब सड़कों पर आ गया है। विवाद दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है।

धर्मशाला, नीरज व्यास। धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व में मंत्री रहे सुधीर शर्मा व जवाली से कांग्रेस पूर्व सीपीएस रहे नीरज भारती के बीच विवाद गहरा गया है। दोनों के बीच द्वंद अब सड़कों पर आ गया है। विवाद दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है पर संगठन अभी तक मूक दर्शक बना है संगठन की तरफ से न एक तरफ न दूसरे तरफ के लिए कोई टिप्पणी या कार्रवाई की तैयारी की है। लेकिन धर्मशाला की कांग्रेस ने नीरज भारती को पार्टी से निष्कासित करने के लिए व जवाली की कांग्रेस ने सुधीर शर्मा को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।
ऐसे में दोनों विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारी एक दूसरे के नेता को निष्कासित करने की मांग पार्टी हाईकमान से कर रहे हैं। जबकि धर्मशाला में जवाली के नेता के खिलाफ महिला थाने में शिकायत तक दर्ज करवाने की तैयारी की गई है। वहीं नीरज भारती भी धर्मशाला कांग्रेस के खिलाफ मानहानि का दावा करने की तैयारी में है। चुनावी वर्ष है और ऐसे वक्त में कांग्रेस को एकजुट होने का पाठ वरिष्ठ नेता पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के शीर्ष नेताओं का कहना है कि कांग्रेस एकजुट है। लेकिन धर्मशाला में सुलगी वर्चस्व की जंग ने जाहिर कर दिया है कि कांग्रेस में अंतरकलह चल रह रही है। दोनों नेताओं के बीच चल रहा घमासान व द्वंद का क्या परिणाम होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन चुनावी वक्त में इस तरह से एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाने से कांग्रेस पार्टी को इसका नुकसान जरूर है।
दोनों ही ब्लाक कांग्रेसों के नेता पार्टी हाईकमान से कार्रवाई मांग रहे हैं। ऐसे में पार्टी के पदाधिकारी मूक दर्शक बने बैठे हैं। और दोनों ही नेताओं की सुलह का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि जब दोनों नेताओं में चिंगारी लग रही थी तो बुझाने का काम नहीं किया गया अब चिंगारी ज्वाला का रूप ले चुकी है, ऐसे में इसे बुझाने में संगठन के हाथ तो जलेंगे ही पर अभी तक संगठन की तरफ से कोई पहल नहीं हुई है। न तो कार्रवाई की न ही सुलह की तरफ कदम बढ़े हैं। संगठन अभी तक मूकदर्शक की भूमिका में ही है।
यह बोले कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व पूर्व विधायक अजय महाजन
अभी तक किसी भी ब्लॉक की तरफ से उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। समाचार पत्रों के माध्यम से जो भी जानकारी मिली है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए। दोनोें ही वरिष्ठ नेता है और जिला स्तर पर इसका कोई फैसला नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में पार्टी हाईकमान ही फैसला लेता है।
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