Himachal Election: मंडी के पांच राज परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर, इन नेताओं के बेटे उतरे हैं चुनावी रण में
इस बार विधानसभा चुनाव में मंडी जिला के एक दिवंगत और चार नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। इनके बेटे व बेटियां चुनावी समर में हैं। सबके पिता राजनीति में कदावर नेता रहें हैं। ऐसे में अब बच्चे उस प्रतिष्ठा को कायम रखने के लिए डटे हुए हैं।

मंडी, मुकेश मेहरा। इस बार विधानसभा चुनाव में मंडी जिला के एक दिवंगत और चार नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। इनके बेटे व बेटियां चुनावी समर में हैं। सबके पिता राजनीति में कदावर नेता रहें हैं। ऐसे में अब बच्चे उस प्रतिष्ठा को कायम रखने के लिए डटे हुए हैं। सबसे बड़ा दारोमदार द्रंग व मंडी में हैं। यहां कौल सिंह व उनकी बेटी चंपा दोनों चुनावी मैदान में है। इसके अलावा धर्मपुर, करसोग, सुंदरनगर भी बेटे विरासत को आगे बढ़ाने के लिए डटे हैं। बात मंडी की करें तो यहां कारंग्रेस से कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर दूसरी बार मैदान में हैं, इनका मुकाबला भाजपा के स्वर्गीय पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा के साथ है। अनिल शर्मा परिवार का ही यहां दबदबा हैं।
इन नेताओं के बेटे हैं चुनावी मैदान में
वहीं सुंदरनगर में पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर के बेटे अभिषेक ठाकुर, धर्मपुर में महेंद्र सिंह ठाकुर की जगह उनके बेटे रजत ठाकुर, तो करसोग के पूर्व मंत्री मनसा राम के बेटे महेशराज चुनाव लड़ रहे हैं। मंडी में पूर्व में भी 10 हजार से अधिक मतों से अनिल शर्मा जीते थे जो इस जीत को बरकरार रखना चाहेंग। वहीं चंपा ठाकुर परंपरा तोड़ने के लिए डटी हैं। सुंदरनगर के अभिषेक पिता के सम्मान का हवाला दे रहे हैं तो धर्मपुर में रजत ठाकुर महेंद्र सिंह के कामों का। सभी नेता और उनके परिवार के सदस्य भी अपनों की नैया पार लगाने के लिए दिन रात चुनावी मैदान डटे हुए हैं। राजनीति समीकरणों की माने तो मंडी, धर्मपुर में पिछले लंबे समय से एक ही परिवार का दबदबा है। सुंदरनगर, करसोग में हर बार विधायक बदलता है। ऐसे में इन चारों विस हलकों में परिवारों की प्रतिष्ठा और विरासत कायम रहती है या बदलती है यह देखने लायक होगा।
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